आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। लोकसभा ने वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को पास कर दिया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा सदन में पेश इस विधेयक के पक्ष में 000 वोट पड़े, जबकि 000 सांसदों ने इसका विरोध किया। सत्ताधारी एनडीए के सभी घटक दलों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सदस्यों के अलावा कुछ तटस्थ पार्टियों ने इसका विरोध किया। अब यह विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जायेगा।
बुधवार को विधेयक पेश करते हुए रिजिजू ने इसे ‘उम्मीद’ (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इंपावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने वक्फ कानून में कई बार बदलाव किये और इसको अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया। इसलिए इसमें संशोधनों की जरूरत पड़ी। उन्होंने संशोधनों के बारे में जानकारी दी, जिसमें एक ऐसा भी प्रावधान है, जिससे झारखंड समेत पूरे देश के आदिवासियों को भी फायदा होने वाला है। रिजिजू ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रावधानों के अनुसार अनुसूची 5 और 6 की जमीनों पर वक्फ बोर्ड कभी दावा नहीं कर पायेगा। यह जमीन आदिवासियों की होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने उन मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की, जो वक्फ विधेयक का हिस्सा नहीं हैं। मंत्री ने कहा कि संसद भवन पर भी वक्फ दावा कर रहा था, पर पहले की यूपीए सरकार ने काफी संपत्ति गैर-अधिसूचित करके दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी थी। उन्होंने कहा कि पिछले साल बिल पेश करते समय सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव किया था। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को मंजूरी दी थी। रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास 8.72 लाख संपत्ति है, जो 9.4 लाख एकड़ में फैला है। इसका अनुमानित मूल्य 1.2 लाख करोड़ रुपये है।
कल राज्यसभा में पेश होगा
लोकसभा से पास होने के बाद वक्फ संशोधन विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जायेगा। जानकारी के अनुसार विधेयक पर चर्चा के बाद इसे उसी दिन पास भी कराया जायेगा।
सरकार ने मुसलमानों को दी पांच गारंटी
1. किसी भी मस्जिद पर कोई कार्रवाई का प्रावधान इस बिल में नहीं है। ये सिर्फ संपत्ति का मामला है। धार्मिक संस्थानों से इस बिल का कोई लेना-देना नहीं है।
2. वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक स्थल-मस्जिद की व्यवस्था में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें न कोई बदलाव और न ही कोई हस्तक्षेप किया जायेगा।
3. वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है। हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे हैं। वक्फ बोर्ड कानून के दायरे में होगा। इसमें कुछ भी कानून के उलट नहीं किया जायेगा।
4. कलेक्टर से ऊपर कोई भी अधिकारी सरकारी जमीन और किसी विवादित जमीन का विवाद देखेगा। जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे, तो किसी आदिवासी एरिया में जाकर नहीं कर सकते हैं। यह बदलाव अहम है। किसी भी मस्जिद को कोई कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। बिल में मस्जिद के मैनेजमेंट में दखलंदाजी का प्रावधान नहीं है।
5. सेंटर आॅफ काउंसिल में कुल 22 सदस्यों में चार सदस्य गैर-मुसलमानों से ज्यादा नहीं हो सकते हैं। पूर्व अधिकारियों सहित संसद के तीन सदस्य चुने जायेंगे। संसद के सदस्य किसी भी धर्म के हो सकते हैं।
चर्चा में किसने क्या कहा
वोट बैंक के लिए अल्पसंख्यकों को डराया जा रहा: अमित शाह
बिल पर चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ में गैर-इस्लामिक नहीं आयेगा। ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है। वोट बैंक के लिए अल्पसंख्यकों को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक सदस्य ने कह दिया कि यह बिल अल्पसंख्यक स्वीकार नहीं करेंगे। क्या धमकी दे रहे हो भाई। संसद का कानून है, स्वीकार करना पड़ेगा।
विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता: अरुण भारती
लोजपा (आर) सांसद अरुण भारती ने कहा, इस विधेयक के विरोध में विपक्ष हमेशा धार्मिक पक्ष उठाता रहा है। विपक्ष कहता रहा कि मस्जिद चली जायेगी, दरगाह चली जायेगी। विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता, क्योंकि राजनीतिक षडयंत्र और प्रायोजित राजनीति की बात खत्म हो जायेगी।
दो सौ लोगों के हाथ में वक्फ की संपत्ति: अनुराग ठाकुर
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, एक परिवार के चलते देश ने 1947 में एक विभाजन देखा है। आज जमीन का विभाजन नहीं होने देंगे। मोदीजी की सरकार में सिर्फ एक कानून और एक संविधान रहेगा। संदेश स्पष्ट है। एक हैं तो सेफ हैं। दो सौ लोगों के हाथ में वक्फ को दे रखा है और करोड़ों रुपये की संपत्ति उनके पास है।
बिल कहीं से मुसलमान विरोधी नहीं: ललन सिंह
जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा, ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है। ये बिल कहीं से मुसलमान विरोधी नहीं है। वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है, जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है।
वक्फ की 1.2 लाख करोड़ की संपत्ति कुप्रबंधन की शिकार: टीडीपी
तेलुगु देशम पार्टी के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा, वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है। ये संपत्तियां कुप्रबंधन की शिकार हैं। हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए। हम सबसे पहले दल थे, जिसने जेपीसी की मांग की थी।
कल इसाई, सिख, जैन के खिलाफ होंगे: केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, आप मुस्लिमों के साथ वक्फ बोर्ड में भेदभाव कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह संविधान के अनुसार है। कहा गया कि अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की संविधान के अनुसार रक्षा की जाये। आप आज मुस्लिमों को टारगेट कर रहे हैं। आप कल इसाई, सिख, जैन के खिलाफ होंगे। संघ परिवार का एजेंडा है कि अल्पसंख्यकों को इस देश में खत्म कर दो।
मंदिरों की जमीनें बेची जा रही, उसके खिलाफ भी कानून लाओ: सावंत
शिवसेना उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत ने कहा, गैर मुस्लिम मेंबर वक्फ बोर्ड में ला रहे हो। डर लगता है कि मंदिरों के बोर्ड में गैर हिंदू को लाओगे। ऐसा किया, तो हम इसका विरोध करेंगे। ये आगे चलकर क्रिश्चियन, सिख और जैन धर्म में भी हो सकता है। यह धार्मिक मामला है, यह सरकार का कैसे हो सकता है।
मंत्री की स्पीच जेपीसी रिपोर्ट से मैच कर जाये, तो इस्तीफा दे दूंगा: द्रमुक
द्रमुक सांसद ए राजा ने कहा, मंत्रीजी ने कुछ देर पहले बेहद गर्व के साथ भाषण दिया है। मैं हिम्मत के साथ कहता हूं कि कल आप अपनी स्पीच के टेक्स्ट को जेपीसी की रिपोर्ट से मिलाइयेगा। मैच कर जाये, तो इस सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद वक्फ बोर्ड को दे दी गयी होती।
किसी को कोई धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं कर सकते: कल्याण बनर्जी
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वक्फ का टाइटल बदला गया। इसमें संशोधन असंवैधानिक हैं। पांच साल तक इस्लाम की प्रैक्टिस का प्रावधान जोड़ा गया है। संविधान में किसी को धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।
वक्फ बिल से कोई उम्मीद नहीं: अखिलेश यादव
सपा के अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल में न तो नीति सही है और न नीयत। देश के करोड़ों लोगों से घर-दुकान छीनने की साजिश है। भाजपा अलोकतांत्रिक पार्टी है। वह असहमति को अपनी शक्ति मानती है। सरकार वक्फ बिल लाने की जिद क्यों कर रही है? यह सांप्रदायिक राजनीति का नया रूप है, जिद है। हमें इससे कोई उम्मीद नहीं है।
जेपीसी में व्यापक शक्तियां, वह बिल का प्रारूप बदल सकती है: स्पीकर
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के किसी भी विधेयक में संशोधन की शक्तियां व्यापक हैं। समिति किसी भी विधेयक में संशोधन कर सकती है या पूरी तरह प्रारूप बदल सकती है। पूरा नाम और संक्षिप्त नाम भी बदल सकती है। पहले भी ऐसा हो चुका है।