रांची। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) परिसर में निजी एंबुलेंस संचालन को लेकर प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। अनियंत्रित रूप से एंबुलेंस खड़ी करने और नियमों की अनदेखी के मामलों को देखते हुए अब सभी निजी एंबुलेंस का विस्तृत डेटा संकलित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य अवैध और बिना लाइसेंस संचालित सेवाओं पर रोक लगाना है।

प्रबंधन के अनुसार, जिन एंबुलेंस के पास वैध कमर्शियल लाइसेंस नहीं होगा, उनकी जानकारी संबंधित विभागों को भेजी जाएगी और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से मरीजों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके अलावा, प्रशासन के संज्ञान में यह भी आया है कि कुछ एंबुलेंस का इस्तेमाल अनैतिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रिम्स परिसर को साइलेंस जोन घोषित किया गया है, इसलिए एंबुलेंस चालकों को निर्देश दिया गया है कि परिसर में प्रवेश के बाद सायरन का उपयोग न करें, ताकि मरीजों और परिजनों को शोर से राहत मिल सके।

साथ ही, परिसर में पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत अलग-अलग वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग की सुविधा दी जाएगी, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु होगी।

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