इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन अधिकारियों को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में जयदेव गौतम (कार्यपालन यंत्री, संभाग-1, इंदौर), टीके जैन (अनुविभागीय अधिकारी, पीडब्ल्यूडी संभाग-1) और अंशु दुबे (उपयंत्री, संभाग-1, इंदौर) को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है।

लोकायुक्त टीम ने आरोपी जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास से 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है, जबकि टीके जैन को कार्यालय परिसर के पोर्च के नीचे से एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी अंशु दुबे ने भी एक लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन कम राशि उपलब्ध होने के कारण उसने रकम नहीं ली। इस प्रकार कुल 2.50 लाख रुपये की राशि जब्त की गई है।

जानकारी के अनुसार, धार के सागोर अचाना रोड निवासी राजपाल सिंह पंवार, जो पटेल श्री इंटरप्राइजेस के संचालक और शासकीय ठेकेदार हैं, इस मामले के आवेदक हैं। उनकी फर्म ने वर्ष 2023 में पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर मैथवाड़ा-फोरलेन पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य करीब 4.73 करोड़ रुपये में लिया था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद फर्म ने 4.51 करोड़ रुपये का अंतिम बिल भुगतान के लिए पेश किया था।

आवेदक का आरोप है कि अंतिम बिल के भुगतान के बदले अधिकारियों ने कमीशन के रूप में कुल 3.50 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम ने 1.50 लाख रुपये, एसडीओ टीके जैन ने एक लाख रुपये और उपयंत्री अंशु दुबे ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की, जिसके बाद भ्रष्टाचार के इस खेल को उजागर करने के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया।

नियोजित योजना के तहत लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी। आरोपी जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास पर आवेदक से 1.50 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया। वहीं, आरोपी टीके. जैन को पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पोर्च के नीचे आवेदक के प्रतिनिधि से एक लाख रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया। तीसरे आरोपी अंशु दुबे ने भी एक लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन आवेदक के पास उस समय पूरी राशि न होने के कारण उसने पैसे लेने से मना कर दिया था, हालांकि साक्ष्यों के आधार पर उन पर भी कार्रवाई की जा रही है।

इंदौर लोकायुक्त के कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस (BNS) 2023 की धारा 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

ट्रैप टीम में टीआई आशुतोष मिठास के अलावा प्रतिभा तोमर और विवेक मिश्रा सहित अन्य सदस्य शामिल थे। यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर की गई।

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