मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 मई को मुख्यमंत्री आवास का होगा घेराव
रांची। झारखंड में मनरेगा कर्मियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मियों ने राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई है। संघ की ओर से घोषणा की गई है कि 25 अप्रैल को गोड्डा जिले के महागामा विधानसभा क्षेत्र स्थित मंत्री आवास पर राज्यव्यापी महाधरना और फरियाद यात्रा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मियों के जुटने की संभावना है।

कर्मियों ने साफ कर दिया है कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 1 मई यानी मजदूर दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास के समक्ष ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ कार्यक्रम किया जाएगा। यह आंदोलन पिछले एक महीने से लगातार जारी है और 12 मार्च से मनरेगा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

इस दौरान कर्मियों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के कई प्रयास किए हैं। अलग-अलग जिलों में फ्लैशलाइट मार्च निकाला गया, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपे गए और विधायकों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराया गया है।

आंदोलन के तहत 30 मार्च को रांची के राजभवन के सामने धरना दिया गया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं 15 और 16 अप्रैल को ग्रामीण विकास मंत्री के आवास के बाहर दो दिवसीय धरना भी आयोजित किया गया। बावजूद इसके, कर्मियों का आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।

कर्मियों की मुख्य मांगों में स्थायी समायोजन के साथ ग्रेड पे, मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी, उचित मुआवजा और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और सुरक्षा नहीं मिल रही है, जिससे असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

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