नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और शांति वार्ता विफल होने की खबरों ने वैश्विक बाजारों का मूड बिगाड़ दिया है। अमेरिका और इजरायल से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम के चलते निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर आज एशियाई बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है।
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आए थे। एस एंड पी 500 हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डेक में मामूली बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ताजा घटनाक्रम के बाद डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में तेज गिरावट देखने को मिल रही है, जो बाजार में बढ़ते दबाव का संकेत है।
यूरोपीय बाजारों का हाल भी मिला-जुला रहा। एफटीएसई और डीएएक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि सीएसी इंडेक्स में हल्की तेजी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में आज अधिकांश सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग प्रमुख गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, गिफ्ट निफ्टी में भी करीब 2 प्रतिशत की बड़ी कमजोरी दर्ज की गई है, जो भारतीय बाजार के लिए नकारात्मक संकेत दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता, बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

