तेहरान। पश्चिम एशिया मेंं करीब छह सप्ताह तक चले भीषण सैन्य संघर्ष और तनाव के बाद शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली शांतिवार्ता पर सभी की निगाहें हैं। ग्यारह साल बाद यह पहला अवसर है जब ईरान और अमेरिका सीधे बातचीत की मेज पर होंगे। इस बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।

पश्चिम एशिया में भारी तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और इजराइल-हिज्बुल्ला संघर्ष के बीच आज इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होगी। इसके लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में शामिल अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।

मीडिया संस्थान ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घालीबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है। इसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियन और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेममती शामिल हैं। संसद के कई सदस्य प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत शुरू होने से ठीक पहले धमकी देते हुए कहा है कि समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है, जबकि ईरान ने भी कई शर्तें रखी हैं।

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