महिला आरक्षण में आने वाली हर रुकावट को खत्म कर के रहेंगे सिर्फ वक्त का इंतजार है
-कांग्रेस का सिद्धांत लटकाना, भटकाना, अटकाना और समाज में भ्रम फैलाना
-समाजवादी पार्टी महिला विरोधी, नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात साढ़े आठ बजे महिला आरक्षण बिल को लेकर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पास नहीं करा पाये, इसके लिए वह सभी महिलाओं से माफी मंगाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए देशहित सर्वोपरि है। कांग्रेस, डीएमके, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी को उठाना पड़ा। मोदी ने कहा कि देश की करोड़ों नारी की नजर संसद में थी। देश की नारी देख रही थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ नारी हित का प्रस्ताव गिरा। वहीं कांग्रेस, डीएमके, टीमएसी, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। प्रधानमंत्री ने कहा विपक्ष महिलाओं से उनका अधिकार छीनकर मेज थपथपा रहा था। उन्होंने जो किया वह टेबल पर सिर्फ थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है मगर अपमान नहीं भूलती। संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक नारी के मन में रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो याद करेगी कि इन्होंने ही महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था।
विपक्ष को पाप की सजा जरूर मिलेगी:
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन दलों ने बिल का विरोध किया, उनसे मैं दो टूक कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं। वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी सब पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा देख रही है। महिला आरक्षण को रोककर जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निमार्ताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता की सजा से वे बच नहीं पाएंगे। सदन में यह कानून किसी से कुछ छीन नहीं रहा था। कुछ न कुछ दे ही रहा था।
कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में भ्रूणहत्या की:
मोदी ने कहा यह कानून 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। यह बिल नये अवसर, नयी उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50% यानी आधी आबादी को अधिकार देने का ईमानदारी से किया प्रयास था। यह बिल समय की मांग है। यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की महिला शक्ति में समान बढ़ोतरी का प्रयास था। राज्य की आबादी कैसी भी हो सबकी समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था लेकिन गंवा दिया। सपा भी महिला विरोध होने के छवि के दाग को कम करने के मौके से चूक गयी। सपा ने बिल का विरोध करके लोहिया जी के सपनों को पैरों तले रौंद दिया। बिल सभी दलों और राज्यों के लिए एक मौका था। एक अवसर था ये बिल पास होता तो बंगाल, यूपी, केरल सभी राज्य की सीटें बढ़तीं। इन लोगों ने अपने राज्यों को धोखा दिया। डीएमके के पास मौका था और ज्यादा लोागें को सांसद विधायक बना सकती थी लेकिन उसने मौका खो दिया।
कांग्रेस ने अपना मुखैटा उतार दिया है:
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा विपक्ष इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी है। नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण से ही नफरत करती है। उन्होंने हमेशा इसे रोका है। इस बार भी कांग्रेस और साथी दलों ने महिला आरक्षण को रोकने के एक के बाद एक नये झूठ का सहारा लिया। कभी नंबरर्स को लेकर तो कभी किसी और तरह से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह किया। इन दलों ने भारत की नारी के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखैटा उतार दिया है। मुझे पर्सनली आशा थी कि कांग्रेस दशकों पुरानी गलती सुधारेगी लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का अवसर खो दिया।
कांग्रेस परजीवी की तरह दूसरे दलों के सहारे जिंदा:
मोदी ने कहा कि कांग्रेस खुद ही कई राज्यों में अपना वजूद खो चुकी है। वह परजीवी की तरह दूसरे दलों के सहारे जिंदा है। वे यह भी नहीं चाहते कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इस बिल को रोककर उन्हें राजनीतिक षडयंत्र किया है। सभी विपक्ष इतने सालों से हर बार वही बहाने बनाते आये हैं। कोई न कोई पेंच फंसाकर महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते हैं। देश उनका पैटर्न समझ चुका है। इस बिल के विरोध की बड़ी वजह है कि इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है कि महिला सशक्त हुई तो उनकी पार्टी खतरे में आ जायेगी। ये नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।
कांग्रेस ने झूठ फैलाया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा:
प्रधानमंत्री ने कहा ये महिलाएं देश की सेवा करना चाहती हैं लेकिन परिवारवादियों के भीतर असुरक्षा की भावना बैठी है। परिसीमन के बाद महिलाओं का कद बढ़ता इसलिए उन्होंने बिल का विरोध किया। देश की नारी शक्ति कांग्रेस और उसके साथी दलों के लिए पाप के लिए माफ नहीं करेगी। कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। ये ‘बांटों और राज करो’ की पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में लेकर आयी है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। परिसीमन पर झूठ फैलाया कि कुछ राज्यों को नुकसान होगा। हमने स्पष्ट किया कि किसी राज्य का रिप्रेंजेंटशन कम नहीं होगा। फिर भी कांग्रेस, डीएमके, टीमएसी जैसे दल मानने को तैयार नहीं हुए।



