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    Home»लाइफस्टाइल»सेहत»जीका ने भारत में दे दी दस्‍तक, ऐसे बच के रहें जीका वायरस से
    सेहत

    जीका ने भारत में दे दी दस्‍तक, ऐसे बच के रहें जीका वायरस से

    आजाद सिपाहीBy आजाद सिपाहीMay 28, 2017No Comments3 Mins Read
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     डेंगू और चिकनगुनिया की तरह मच्छरों से फैलने वाला एक ओर वायरस भारत में दस्तक दे चुका है, जिसे जीका वायरस के नाम से जाना जाता है।

    हाल ही में भारत में इस वायरस की पुष्टि कर दी गई है। विश्व स्वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से भारत में जीका वायरस के तीन मामलों की पुष्टि कर दी गई है। यह तीनों केस अहमदाबाद के बापूनगर में सामने आए है हालांकि अच्छी बात यह है कि तीनों रोगी बिल्कुल स्वस्थ हैं।

    डब्ल्यू.एच.ओ. के एक बयान के अनुसार, 64-वर्षीय एक पुरुष, एक बच्चे को जन्म देने वाली 34 वर्षीय महिला और 22-वर्षीय एक गर्भवती महिला जीका वायरस से ग्रस्त मिलीं। ये तीनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हालांकि, डब्ल्यू.एच.ओ. ने इस बार की भी पुष्टि की है कि इस वायरस के चलते भारत के लिए किसी यात्रा या व्यापार पर पाबंदी नहीं लगाई गई।

    क्या है जीका वायरस
    जीका वायरस एडीज इजिप्टी नामक मच्छर से फैलता है। यहीं मच्छर यलो फीवर, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां भी फैलाता है। भारत में इससे पहले कभी जीका वायरस के बारे में कोई मामला सामने नहीं आया था।

    जीका वायरस सबसे ज्यादा नवजात बच्चों या गर्भ में पल रहे शिशु को अपना शिकार बनाता है। यह वायरस बच्‍चे को दिमागी रूप से विकलांग बना देता है। इसके  अलावा बच्चे के शारीरिक रूप से विकलांग होने का डर भी रहता है। ऐसे बच्चों को सारी जिंदगी खास देखभाल की जरूरत पड़ती है। भारत से पहले यह वायरस ब्राजील, युगांडा, अफ्रीका, न्यू कैलिडोनिया और पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में भी अपना प्रभाव दिखा चुका हैं। वैज्ञानिक तौर पर इस वायरस को रोकने में सफलता हासिल नहीं की है।

    जीका वायरस के लक्षण

    इसके लक्षण एकदम से सामने नहीं आते। यह धीरे-धीरे दिखने और महसूस होने शुरू होते हैं।
    1. हाथ और पांवों में जलन

    2-बुखार,आंखों में जलन

    3-खुजली और जोड़ों में दर्द

    4-हाथ और पांव में सूजन

    ऐसे करें बचाव
    जीका वायरस का डाक्टरी इलाज में कोई सफलता नहीं मिली है। इसलिए जितना हो सकें इससे खुद का बचाव रखें।

    -शरीर को कपड़ों से पूरी तरह से ढक कर रखें।
    – घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
    – मच्छरों से बचने वाली क्रीम आदि का इस्तेमाल करें।
    – हल्के रंगों के कपड़े पहनें।
    – सुबह शाम मोस्कीटो किलर का इस्तेमाल करें।
    – जीका वायरस की चपेट में आए देशों की यात्रा ना करें। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं ऐसी जगहों पर कतई सफर ना करें।
    – बैड नेट का इस्तेमाल करें
    – अगर 2 हफ्तों से ज्यादा बुखार रहे तो एक बार टेस्ट जरूर करवाएं।

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