Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Sunday, June 14
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»झारखंड»पूर्वी भारत का एजुकेशन हब बनता झारखंड राज्य
    झारखंड

    पूर्वी भारत का एजुकेशन हब बनता झारखंड राज्य

    आजाद सिपाहीBy आजाद सिपाहीMay 4, 2017No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक साल पहले बिहार के छात्रों को न्योता दिया था कि वे पढ़ने के लिए झारखंड आयें। पढ़ाई को लेकर यहां कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने गलत नहीं कहा था। झारखंड आज पूर्वी भारत का एजुकेशन हब बनने के मार्ग पर बढ़ चला है। उस समय मुख्यमंत्री ने यह न्योता सिर्फ बिहार के छात्रों को ही नहीं दिया था। उनका इशारा यूपी-बिाहर समेत पूर्वी भारत के सभी राज्यों के छात्रों की ओर था। उनका तात्पर्य भी यही था कि यहां सारी सुविधाएं मिलेंगी। सिर्फ तकनीकी संस्थान ही नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज और बेहतरीन प्रबंधन संस्थान भी छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड में 3300 करोड़ की योजनाओं पर काम शुरू हो गया है। आनेवाले दिनों में यहां उच्चस्तरीय मेडिकल कॉलेज, तकनीकी संस्थान, प्रबंधन संस्थान और बेहतरीन स्कूल भी खुलेंगे।

    छह मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बढ़ायेंगे डॉक्टरों की तादाद

    रघुवर सरकार की कथनी और करनी में फर्क नहीं है, यह अब दिखने लगा है। एजुकेशन हब बनने की ओर राज्य धीरे धीरे बढ़ने लगा है। चिकित्सा के क्षेत्र में अब आम लोगों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। सारी सुविधाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध करायी जायेंगी। राज्य में इसी साल मेगा प्रोजेक्ट के रूप में 3300 करोड़ रुपये की लागत से कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। एक साथ छह मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनाये जा रहे हैं। सभी औसतन 250 करोड़ से ऊपर की लागत से बनाये जा रहे हैं।
    हजारीबाग, दुमका और पलामू में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जबकि बोकारो, चाईबासा और कोडरमा का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। दो महीने में टेंडर निकाल कर इसमें भी कार्य शुरू कर दिये जायेंगे। सभी मेडिकल कॉलेज निर्माण की लागत 300 करोड़ की है। वहीं कॉलेज परिसर में 250 करोड़ के हॉस्पिटल निर्माण कराने की योजना है। इसके अलावा एमजीएम हॉस्पिटल के बगल में पांच सौ बेड का हॉस्पिटल निर्माण कार्य जल्द ही शुरू करने की तैयारी है। सभी हॉस्पिटल पांच सौ बेड के होंगे और सबकी निर्माण लागत 250 करोड़ की है। इस संबंध में कॉरपोरेशन के एमडी सुनील कुमार बताते हैं कि प्रथम चरण में भवन निर्माण का कार्य पूरा किया जायेगा। दूसरे चरण में अत्याधुनिक एक्वीपमेंट लगाये जायेंगे। कैंसर, हृदय प्रत्यार्पण जैसी जटिल बीमारी समेत अन्य जटिल बीमारियों का इलाज राज्य में ही हो सकेगा। सरकार की मंशा है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा आसानी से उपलब्ध हो सके। जटिल बीमारी के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़े। छह चिकित्सा महाविद्यालय खुल जाने के बाद चिकित्सकों की भी कमी राज्य में नहीं रह जायेगा।

    नेतरहाट की तर्ज पर खुलेंगे स्कूल
    इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी यहां के युवाओं को बेहतर शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाना न पड़े, इसकी सरकार तैयारी कर रही है। सरकार ने नेतरहाट जैसे तीन स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इसका कंस्लटेंसी से डीपीआर बनाने को कहा गया है। दुमका, चाईबासा और खूंटी जिले के तोरपा में नेतरहाट जैसे विद्यालय खोले जायेंगे। इन सभी स्कूलों की निर्माण लागत 250-250 करोड़ से अधिक की होगी। विदित हो कि राज्य सरकार ने पिछले साल ही सभी प्रमंडलों में एक-एक नेतरहाट की तरह का स्कूल खोलने का निर्णय लिया था। इसी निर्णय को अमली जामा पहनाया जा रहा है।

    विश्वविद्यालयों को मिलेगा नया कैंपस
    सरकार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को नया कैंपस उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। रांची विवि के नये कैंपस का निर्माण चेरी में कराने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। जल्द ही इसका कार्य शुरू किया जायेगा। इसके अलावा कोयलांचल विवि के नये कैंपस और नीलांबर पितांबर विवि के कैंपस निर्माण की भी मंजूरी मिल गयी है। इसका भी डीपीआर बन कर तैयार है। इन सभी विवि के कैंपस के लिए राज्य सरकार ने 250-250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। खूंटी में 139 करोड़ रुपये की लागत से रक्षा शक्ति विवि निर्माण कराने की योजना है। अगले माह से इसका कार्य शुरू किया जायेगा। इसकी घोषणा पिछले दिनों खूंटी में ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कर दी है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleझारखंड को मिला स्पेशल मेंशन अवार्ड
    Next Article काम नहीं करनेवाले पांच फीसदी कर्मचारियों को हटाया जायेगा
    आजाद सिपाही
    • Website
    • Facebook

    Related Posts

    जेवर दुकान में सेंधमारी कर चोरों ने की 11 लाख की चांदी और नकदी की चोरी

    June 14, 2026

    कोकर में युवक की हत्या के दो आरोपित गिरफ्तार, वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद

    June 13, 2026

    Impact of Foreign Direct Investment on the Industrial Development of Jharkhand

    June 13, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • जेवर दुकान में सेंधमारी कर चोरों ने की 11 लाख की चांदी और नकदी की चोरी
    • प्रधानमंत्री मोदी का 6 दिवसीय यूरोप दौरा आज से शुरू, जी7 शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
    • असम के जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, जांच शुरू
    • अरुणाचल प्रदेश में सड़क हादसे में असम के पांच युवकों की मौत
    • करोड़ों खर्च, लेकिन नाले की ऊंचाई ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
    Read ePaper

    City Edition

    Follow up on twitter
    Tweets by azad_sipahi
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    Palamu Division

    • Garhwa
    • Palamu
    • Latehar

    Kolhan Division

    • West Singhbhum
    • East Singhbhum
    • Seraikela Kharsawan

    North Chotanagpur Division

    • Chatra
    • Hazaribag
    • Giridih
    • Koderma
    • Dhanbad
    • Bokaro
    • Ramgarh

    South Chotanagpur Division

    • Ranchi
    • Lohardaga
    • Gumla
    • Simdega
    • Khunti

    Santhal Pargana Division

    • Deoghar
    • Jamtara
    • Dumka
    • Godda
    • Pakur
    • Sahebganj

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version