रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक अध्यक्ष सह मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में कांग्रेस भवन हुई। इसमें स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम में झारखंड के लगभग दो लाख लोगों ने भाग लिया। इससे यह प्रतीत होता है कि कांग्रेस ने जो प्रवासी मजदूरों की मांग को रखी थी, उसमें जनता का भारी समर्थन मिला। राज्य सरकार ने जो प्रवासी मजदूरों को लेकर काम किया है, उसे जनता में एक उम्मीद पैदा हुई है कि कांग्रेस ही आमलोगों की आवाज को बुंलद कर सकती है। बैठक में कार्यकारी अध्यक्षों ने कहा कि कांग्रेस की सभी कमेटियां जिनको जो भी जिम्मेदारी मिली, उन्होंने भरपूर प्रवासी मजदूरों की मदद की।
स्टेशन से लेकर सड़क तक कांग्रेसजनों से जो बन पड़ा, सबने खुले मन से दूर-दराज से चलकर आ रहे लोगों की मदद की। सबसे बड़ी चुनौती आने वाले मजदूरों को रोजगार देने की है, जिसमें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता को लगना होगा, ताकि मनरेगा के माध्यम से सभी को रोजगार मिल सके। सरकार ने तीन महत्वपूर्ण योजना का शुभारंम किया है, जिसे गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाने की जरूरत है। बैठक में बिजली संकट को लेकर भी चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह द्वारा विद्युत संकट को लेकर जतायी गयी चिंता को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जल्द ही विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था निर्बाध की जायेगी, ताकि राज्य के लोगों को राहत मिल सके।
मनरेगा में 200 दिनों के काम की व्यवस्था करे केंद्र सरकार: आलमगीर
कांग्रेस विधायक दल के नेता सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मजदूरों को मनरेगा में 100 दिन का काम मिल पाता है, जिसे हमलोगों ने स्पीक अप इंडिया के माध्यम से 200 दिनों तक करने की मांग केंद्र सरकार से की है। साथ ही साथ मजदूरों को 198 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है, जिसे 300 रुपये प्रतिदिन करने की जरूरत है। इसकी भी मांग केंद्र सरकार से की गयी है।
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राजेश ठाकुर, मानस सिन्हा, संजय लाल पासवान, डॉ वीपी शरण, प्रदीप तुलस्यान एवं जयशंकर पाठक उपस्थित थे।