आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि हर मजबूर को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि सभी जिला के अधिकारी और झारखंड पुलिस यह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह झारखंड का हो या दूसरे राज्य का, झारखंड में पैदल अपने गंतव्य को न जाये। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ ऐसे सभी लोगों की पूरी देखभाल करते हुए समूह बना, उनकी स्वास्थ्य जांच कर बसों और अन्य बड़े वाहनों द्वारा उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचायें। सीएम ने कहा कि अन्य राज्यों के प्रवासियों का भी पूरा ख्याल रखते हुए उन्हें उनके गृह राज्य के नोडल पदाधिकारी से संपर्क कर सुरक्षित भेजने का प्रबंध करें। झारखंड की सीमा में किसी भी श्रमिक को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि लॉकडाउन बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। राज्य सरकार केंद्र सरकार की गाइड लाइन का इंतजार कर रही है। गाइड लाइन मिलने पर उसकी समीक्षा की जायेगी और पूरी स्थिति पर विचार के बाद झारखंड में छूट पर विचार किया जायेगा।

आदेश के अनुपालन को प्राथमिकता दें एसपी : डीजीपी
बेबस और लाचार मजदूरों के बारे में मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस महानिदेशक एमवी राव ने सभी पुलिस अधीक्षकों/ वरीय पुलिस अधीक्षकों को अपने उपायुक्तों से समन्वय स्थापित कर आदेश का अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश दिया है।

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