वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष की दुनिया में एक और बड़ी सफलता मिल गई है। यूरोपीय खगोलविदों ने धरती के सबसे करीबी एक ब्लैक होल का पता लगा लिया है। यह ब्लैक होल इतना नजदीक है कि इसके पास नाच रहे दो सितारे भी आसानी से देखे जा सकते हैं। यह ब्लैक होल करीब 1000 प्रकाश वर्ष दूर है और प्रत्येक प्रकाश वर्ष 5.9 ट्रिलियन मील दूर है। यूरोपियन साउदर्न ऑब्जर्वेटरी के खगोलविद थॉमस रिविनियस ने कहा कि ब्रह्मांड और यहां तक कि गैलक्सी यह हमारे पड़ोस के अंदर है।

यह अध्ययन बुधवार को ‘एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। टेलिस्कोपियम तारामंडल में मिला यह ब्लैक होल HR 6819 सिस्टम का हिस्सा है।

यह ब्लैक होल अपने-आप में अदृश्य है लेकिन इसके दो चमकीले साथी तारे हैं, जो इसके छिपने के स्थान को दूर करते हैं। इससे पहले धरती पर जो ब्लैक होल मिला था, वो तीन गुना अधिक दूर था। इसका मतलब ये कि वो 3200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर था। अब इस ब्लैक होल की खोज के बाद से ये संकेत मिल रहे हैं कि वहां ऐसे और भी ब्लैक होल मौजूद हैं।

इसे लेकर खगोलविद बताते हैं कि 10 करोड़ से एक अरब ऐसे छोटे ऑब्जेक्ट मिल्की वे में मौजूद हैं। दिक्कत यह है कि हम उन्हें नहीं दिख सकते हैं। कोई भी ब्लैक होल की ग्रैविटी से बच नहीं सकता है। सामान्य तौर पर वैज्ञानिक ही केवल उसे देख सकते हैं जब वे (ब्लैक होल) पार्टनर स्टार के आसपास घूम रहे होते हैं और जब कुछ उनके ऊपर गिरता है। वहीं खगोलविद इस ब्लैक होल की खोज इस वजह से कर पाए क्योंकि यह एक स्टार का आसामान्य ऑर्बिट है।

जो ब्लैक होल मिला है वो डबल-स्टार सिस्टम का हिस्सा है, जिसे HR 6819 कहते हैं। बाकी के दो सितारे बेहद गर्म हैं। चीली में एक दूरबीन की सहायता से खगोलविदों ने यह पुष्टि की है कि सूरज से चार या पांच गुना ज्यादा बड़ा पिंड अंदरुनी सितारे द्वारा खिंचा जा रहा था। यह केवल एक ब्लैक होल हो सकता है। जब उन्होंने अपनी खोज का विश्लेषण किया, तो वे दंग रह गए जब उन्होंने एचआर 6819 को खोजा।

जानकारी के लिए बता दें एक प्रकाश वर्ष की दूरी साढ़े नौ हजार अरब किलोमीटर दूरी के बराबर होती है। लेकिन ब्रह्मांड, यहां तक कि आकाशगंगा के संदर्भ में, यह ब्लैक होल हमारा पड़ोसी है। रिविनियस ने ही इस खोज से जुड़ी टीम का नेतृत्व किया था। इस खोज के बाद हार्वर्ड ब्लैक होल इनीशिएटिव के निदेशक एवी लोएब ने कहा कि ऐसे ब्लैक होल होने की भी संभावना है जो इस ब्लैक होल की तुलना में धरती के अधिक करीब हों।

वैज्ञानिक पीटर हैड्रावा ने कहा कि उनकी टीम को जब ये पता चला कि ये ब्लैक होल के साथ पहला स्टेलर सिस्टम है तो वह हैरान रह गए। इसे कोई भी नंगी आंखों से देख सकता है। उन्होंने कहा कि ये हमारे इतने करीब है कि इसके सितारों को दक्षिणी गोलार्ध से दूरबीन या दूरबीन के बिना एक अंधेरी, साफ रात में देखा जा सकता है।

 

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