रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि अब झारखंड और यहां के लोग अपने पैरों पर खड़े होंगे। इसके लिए सरकार जल्द ही कई कदम उठायेगी। एक-एक रुपये के लिए अभी केंद्र की ओर टकटकी लगानी पड़ती है। यह स्थिति अब नहीं चलनेवाली। झारखंड सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए कुछ कड़े फैसले ले सकती है। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बात करते हुए सीएम ने यह संकेत दिया।
हेमंत ने कहा कि मैं अपना काम कर रहा हूं। प्रवासी श्रमिकों को झारखंड वापस लाना हमारा दायित्व है। उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाने का जिम्मा भी सरकार का है। प्रवासी मजदूरों को सिर्फ वापस लाना ही नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार भी देना है। यह पूछे जाने पर कि 25 करोड़ रुपये तक का ठेका स्थानीय संवेदकों को देने से बाहर के लोगों का क्या होगा, सीएम ने कहा कि सिर्फ इसमें ही नहीं, नौकरी के अलावा अन्य वैसी जगहों पर भी उन्हें पूरा अधिकार मिलना चाहिए, जिन पर उनका हक है। सीएम ने कहा कि लद्दाख और अंडमान जैसी जगहों पर फंसे झारखंडी मजदूरों को भी विमान से लाने की योजना पर काम हो रहा है। हेमंत ने कहा कि पीएम ने 2014 में हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्रा कराने की बात कही थी और अब यह काम झारखंड सरकार कर रही है।
यह पूछे जाने पर कि क्या इसमें कोई राजनीति है, सीएम ने कहा कि यह राजनीति करने का नहीं, बल्कि काम करने का वक्त है। रोजगार के सवाल पर सीएम ने कहा कि पढ़े-लिखे बेरोजगारों को भी विकास के दूसरे कामों में लगायेंगे। उन्हें कैसे जोड़ा जाये, इस पर सरकार विचार कर रही है। सरकार ने फैसला किया है कि नौकरियों के साथ-साथ आधारभूत संरचनाओं के विकास में भी उनका योगदान हो, ताकि वे अपने राज्य में ही सम्मानजनक तरीके से रह सकें। नेता प्रतिपक्ष के पद पर अब तक किसी को मान्यता नहीं दिये जाने के सवाल पर हेमंत ने कहा कि अभी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका बहुत अधिक नहीं है। समय आने पर देखा जायेगा।
यह कहने पर कि आप प्रवासी मजदूरों के हित की बात करते हैं, वहीं एक आइएएस अफसर मजदूरों को कहते हैं कि कूद जाओ, सीएम ने टिप्पणी कि अगर ऐसी बात है, तो इस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
झारखंडवासियों के अधिकार पर अब सेंधमारी नहीं : सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि 25 करोड़ तक की योजना में स्थानीय ठेकेदारों को ही शामिल किये जाने का फैसला राज्यहित में लिया गया है। राज्य की योजनाओं में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने से वे राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे। सीएम ने कहा कि झारखंडवासियों के अधिकार पर अब कोई सेंधमारी नहीं करेगा। घोषणा पत्र में किये हुए हर वादे को हम जल्द से जल्द पूरा करने हेतु कृतसंकल्पित हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा।