राजस्थान सरकार कोविड-19 लॉकडाउन के बीच पैदल ही अपने घरों को निकले प्रवासी श्रमिकों की सुध लेते हुए उनके खाने-पीने, चिकित्सा और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था कर रही है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रवासी मजदूरों का पैदल गंतव्य के लिए रवाना होना अत्यंत पीड़ादायक है और राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि उन्हें यह पीड़ा ना झेलनी पड़े। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से तमाम आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि ऐसे श्रमिकों के लिए विशेष शिविर खोले जाएं, जहां भोजन, पेयजल और शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इन व्यवस्थाओं के लिए उपखण्ड अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार गहलोत ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए हैं कि वे जिलाधिकारियों की मांग के अनुरूप बसें उपलब्ध कराएं ताकि इनके माध्यम से श्रमिकों को आसानी से निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जा सके। जिलाधिकारी सुनिश्चित करें कि महत्वपूर्ण मार्गों वाले उपखण्ड अधिकारी के पास मांग के अनुरूप बसें उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि उपखण्ड अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी श्रमिक सड़क पर पैदल यात्रा ना करे।