देशभर में जहां इस साल चीनी का उत्पादन करीब 19 फीसदी घट गया है. वहीं भारत के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन अब तक के सबसे उंचे स्तर पर पहुंच चुका है पूरे प्रदेश में 46 चीनी मिलें अब तक चालू हैं. निजी चीनी मिलों का संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन यानी इस्मा (Indian Sugar Mills Association-ISMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू चीनी उत्पादन व विपणन वर्ष 2019-20(अक्टूबर-सितंबर) के दौरान 15 मई तक चीनी का उत्पादन 264.65 लाख टन हुआ है जोकि बीते सीजन के मुकाबले 61.54 लाख टन यानी 18.86 फीसदी कम है.

वहीं उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 122.28 लाख टन हो चुका है जो कि अब तक का सबसे उंचा स्तर है. इससे पहले उत्तर प्रदेश में 2017-18 के दौरान चीनी का उत्पादन 120.45 लाख टन हुआ था. उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन का आगे नया रिकॉर्ड बनेगा क्योंकि 119 मिलों में से 46 मिलें अब तक चालू हैं.

पूर्वी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं लेकिन राज्य के मध्य हिस्से में 40 फीसदी मिलें चालू हैं जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करें तो करीब 70 फीसदी मिलों में चीनी का उत्पादन चल रहा है. उद्योग संगठन का अनुमान है कि इस महीने के आखिर तक ज्यादातर मिलों में गन्ने की पेराई बंद हो जाएंगी जबकि कुछ मिलें जून के पहले सप्ताह तक चल सकती हैं. कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन हो जाने से गुड़ व खांडसारी फैक्टरियां जल्दी बंद हो गईं इसलिए गन्ने की आपूर्ति चीनी मिलों में अब तक हो रही हैं.

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