New Delhi: कोरोना लॉकडाउन के कारण सबसे अधिक प्रभावित प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने आज राहत उपायों की घोषणा की। इसके तहत 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अगले दो महीने तक प्रति व्यक्ति मुफ्त पांच किलो अनाज और प्रति परिवार एक किलो चना दाल दी जाएगी। इसके लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के महापैकेज के तहत इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लाभार्थियों की पहचान राज्य सरकार के जिम्मे होगी और यह योजना राज्यों के जरिये ही लागू की जाएगी। इससे उन 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को फायदा होगा जो दूसरे राज्यों में रह रहे हैं और उनके पास राशन कार्ड नहीं है। ये प्रवासी एनएफएस के दायरे में नहीं हैं या राज्य के कार्डधारक नहीं हैं।
‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना अगस्त से
वित्त मंत्री ने कहा कि 23 राज्यों के 67 करोड़ लोगों को ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के दायरे में लाया जा चुका है। इसके तहत देश के 83 फीसदी राशनकार्डधारी आ चुके हैं। इसे अगस्त 2020 से लागू कर दिया जाएगा। मार्च 2021 तक सभी को इस योजना से जोड़ लिया जाएगा। इससे देश में कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में उचित दर की दुकान से अपने हिस्से का राशन ले सकेगा।