4 मई लॉकडाउन 3.0 के पहले दिन जब शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई, इस दौरान उत्तर प्रदेश ने केवल एक दिन में 100 करोड़ से अधिक की बिक्री की है. इससे पहले राज्य में सामान्य दिनों शराब की औसत दैनिक बिक्री 70 से 80 करोड़ के आसपास रहती थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई दुकान मालिकों को स्टॉक खत्म होने के बाद सोमवार दोपहर तक दुकानें बंद करनी पड़ी. राज्य के कई हिस्सों में आज भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार लखनऊ में शराब की बिक्री 17 मई को समाप्त होने वाले तीसरे चरण के लॉकडाउन के पहले दिन सोमवार को 6.3 करोड़ दर्ज की गई. आबकारी विभाग के प्रधान सचिव संजय भूसरेड्डी ने कहा “मुझे नहीं लगता कि एक लाख से कम वर्कफाॅर्स वाला कोई एक उद्योग होगा जो एक दिन में 100 करोड़ राजस्व (सरकारी खजाने को) देता है.”
उत्तर प्रदेश में 25,600 से अधिक शराब की दुकानें 24 मार्च की आधी रात से बंद होने के बाद लगभग 40 दिनों तक बंद रहीं, जिससे राज्य को भारी राजस्व की हानि हुई. राज्य में एक व्यक्ति को एक बोतल (750 मिली), या दो हाफ (375 मिलीलीटर प्रत्येक), या तीन क्वाटर (180 मिलीलीटर प्रत्येक), या दो बोतल बीयर की अनुमति नहीं होगी है.
राजस्व की कम बिक्री के मद्देनजर दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों ने शराब की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. दिल्ली सरकार ने शराब पर ‘स्पेशल कोरोना फीस’ (Special Corona Fee) नाम का नया टैक्स (Tax) लगाया है. दिल्ली में शराब पर ये नया टैक्स आज यानी मंगलवार से ही लागू हो गया है. इसी के साथ दिल्ली में शराब की कीमतें 70 फीसदी अधिक हो गई है. .