सेना के तीनों अंगों और भारतीय तटरक्षक बल ने चक्रवात ‘यास’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने और नुकसान को न्यूनतम करने के लिए कई कदम उठाए हैं. रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी. बंगाल की खाड़ी में उठे इस तूफान के सोमवार सुबह तक पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में पहुंचने की आशंका है. अभी एक सप्ताह पहले ही अरब सागर में उठे ताउते तूफान ने गुजरात के तटीय क्षेत्रों में तबाही मचाई थी. मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा, ”पश्चिमी तट पर मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) व बचाव अभियान से अभी ही उबरी भारतीय नौसेना ने 10 एचएडीआर पैलेट भुवनेश्वर और कोलकाता में पहुंचाएं हैं और पोर्ट ब्लेयर में पांच पैलेट तैयार हैं.”

उसने कहा कि भारतीय नौसेना की चार गोताखेर व 10 राहत टुकड़ियां पहले ही कोलकाता, भुवनेश्वर और चिलिका में तैनात कर दी गई हैं, ताकि अल्प नोटिस पर ही वह नागरिक प्रशासन की सहायता कर सकें. मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, सात बाढ राहत दल और दो गोताखोर दल अंडमान निकोबार द्वीप समूह में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैनात किए गए हैं.

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने चक्रवात ‘यास’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत जामनगर, वाराणसी, पटना, आरोकोन्नम से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 950 कर्मियों व 70 टन अन्य जरूरी चीजें कोलकाता, भुवनेश्वर और पोर्ट ब्लेयर पहुंचाई हैं. अधिकारियों ने कहा कि राहत सामग्री, उपकरण और कर्मियों को पटना, वाराणसी और अराक्कोनम से पांच सी-130 विमानों का उपयोग करके पहुंचाया गया.

अधिकारियों ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) अभियानों के लिए तीन सी-130, चार एएन-32 विमानों और दो डोर्नियर विमानों सहित 11 परिवहन विमानों को तैयार रखा है. उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 11 एमआई-17 वी5, दो चेतक, तीन चीता और सात एमआई-17 हेलीकॉप्टर सहित लगभग 25 हेलिकॉप्टरों को भी किसी भी स्थिति के लिए तैयार रखा गया है. एहतियाती उपाय के तौर पर भारतीय तटरक्षक बल ने उन 254 नौकाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की, जो बगाल की खाड़ी में गई थीं. मंत्रालय ने कहा कि 31 आपदा राहत दल, नौकाएं, लाइफ जैकेट आदि चीजें तैयार रखी गई हैं.

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