आजाद सिपाही संवाददाता
कोलकाता। अंतत: पश्चिम बंगाल ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस को एक बार फिर सत्ता की बागडोर सौंप दी, लेकिन पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम से चुनाव हार गयीं। रविवार को घोषित चुनाव के परिणाम के अनुसार उनकी पार्टी को कुल 213 सीटें मिली हैं। उन्हें चुनौती देने और सत्ता से हटाने के लिए अपना अब कुछ झोंक चुकी भाजपा को 73 सीटों से संतोष करना पड़ा है। वाम मोर्चा और कांग्रेस का राज्य से सूपड़ा साफ हो गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए आठ चरणों में मतदान हुआ था और रविवार को मतों की गिनती हुई। तमाम सर्वेक्षणों को गलत साबित करते हुए ममता बनर्जी ने न केवल भाजपा के हिंदुत्व के हथियार को भोथरा कर दिया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आॅक्सीजन भी लेने से रोक दिया। उनके ‘जय श्रीराम’ और ‘दीदी ओ दीदी’ के नारे को बंगाल की जनता ने नकारते हुए ममता बनर्जी के ‘खेला होबे’ के नारे को ‘खेला होलो’ में बदल दिया।
शुभेंदु ने ममता बनर्जी को 2036 वोट से हराया, मीनाक्षी की जमानत जब्त : तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी को प्रचंड जीत तो दिला दी, लेकिन खुद नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गयीं। शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को 2036 वोट से हरा दिया। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को 1,09,973 वोट मिले,
जबकि ममता बनर्जी को 1,07,937 वोट मिले।
इससे पहले नंदीग्राम में हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ। पहले ममता 1200 से अधिक वोटों से विजयी घोषित हुईं, फिर शुभेंदु को विजेता बताया गया। इसकी वजह से देर तक कन्फ्यूजन की स्थिति रही।
आखिरकार नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को 2036 वोट से हरा दिया। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को 1,09,973 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 1,07,937 वोट मिले। संयुक्त मोर्चा की ओर से माकपा की उम्मीदवार मीनाक्षी मुखर्जी की जमानत जब्त हो गयी।
अदालत में परिणाम को चुनौती देंगी ममता : नंदीग्राम में अपनी हार को ममता ने स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जीत के सामने नंदीग्राम की हार को खुशी-खुशी स्वीकार करती हूं। हालांकि उन्होंने इसके पीछे साजिश का भी आरोप लगाया और कहा, मुझे खबर मिली है कि इसके पीछे कोई साजिश और दुर्नीति हुई है। इसके खिलाफ मैं कोर्ट जाऊंगी और सच्चाई को उजागर करूंगी।
भाजपा के कई दिग्गज हारे
इस चुनाव में बंगाल की सत्ता पाने का सपना देख रही भाजपा को करारा झटका लगा है। उसने कम से कम चार सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा था, लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली। इसके अलावा भाजपा के कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा है। इसमें अधिकांश नेता तृणमूल छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें राजीव बनर्जी, प्रबील घोषाल, जितेंद्र तिवारी, सब्यसाची दत्ता और रवींद्रनाथ भट्टाचार्य शामिल हैं। इनके अलावा भाजपा के केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, सांसद लॉकेट चटर्जी, राहुल सिन्हा, शमिक भट्टाचार्य, पूर्व आइपीएस भारती घोष और मीना देवी पुरोहित को भी पराजित होना पड़ा है।
यह जनता की जीत : ममता
अपनी पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद तीसरे पहर ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास के बाहर समर्थकों के सामने आयीं। काफी दिनों बाद वह ह्वील चेयर पर नहीं थीं। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह बंगाल की जनता की जीत है। बंगाल के लोगों ने देश को बचा लिया। भाजपा ने चुनाव आयोग से लेकर पूरी केंद्रीय मशीनरी को तृणमूल को हराने के लिए लगा दिया था, लेकिन जनता के आगे ये सभी विफल हुए। उन्होंने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि डबल सेंचुरी (दो सौ से अधिक सीट) करूंगी, जो पूरा हुआ। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जीत का जबरदस्त जश्न बनेगा, लेकिन फिलहाल कोविड-19 समय चल रहा है। इसलिए वह पूरा ध्यान इस पर लगायेंगी। उन्होंने समर्थकों से घर जाकर गर्म पानी से नहाने, मास्क पहनने और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की। बाद में उन्होंने काली मंदिर जाकर मां काली के चरणों में मत्था भी टेका।
भाजपा ने हार स्वीकारी, पीएम मोदी राजनाथ ने दी ममता को बधाई
भाजपा ने बंगाल में अपनी हार स्वीकार करते हुए ममता बनर्जी को बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ममता को बधाई संदेश भेज कर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। इधर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने भी ममता बनर्जी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनता की राय को हम स्वीकार करते हैं। उन्होंने इस बात की खुशी भी जाहिर की कि बंगाल में भाजपा मुख्य विपक्षी पार्टी बन कर उभरी है।
असम: भाजपा ने बचाया किला, लगातार दूसरी बार हासिल किया बहुमत
गुवाहाटी। भाजपा ने असम में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का जनादेश हासिल कर लिया है। रविवार को हुई मतगणना में राज्य की 126 सीटों में से 75 सीटों पर जीत हासिल हुई है। कांग्रेस के नेतृत्ववाले गठबंधन को 50 सीटें मिली हैं, जबकि एक सीट अन्य के खाते में गयी है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के दिग्गज नेता हेमानंद बिस्वा सरमा भी चुनाव जीत गये हैं।
केरल : 40 साल बाद वाम मोर्चा ने बनाया इतिहास
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर 40 साल बाद इतिहास कायम किया है। राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने राज्य विधानसभा की 140 सीटों में से एक सौ सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन को कुल 39 सीटें मिली हैं, जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गयी है।
तमिलनाडु में द्रमुक कांग्रेस को बहुमत
चेन्नई। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां के मतदाताओं ने सत्ता परिवर्तन का जनादेश दिया है। रविवार को हुई मतगणना के बाद द्रमुक की अगुवाई वाले गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। यहां अन्नाद्रमुक को सत्ता से बाहर हो गयी है। द्रमुक का गठबंधन में कांग्रेस शामिल थी, जबकि अन्नाद्रमुक ने भाजपा के साथ मिल कर चुनाव लड़ा था। राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से द्रमुक गठबंधन ने 149 सीटें जीती हैं, जबकि अन्नाद्रमुक को 83 सीटों से संतोष करना पड़ा है।
पुडुचेरी: पहली बार एनडीए की सरकार
पुडुचेरी। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में पहली बार एनडीए की सरकार बनेगी। भाजपा के नेतृत्व वाले इस गठबंधन ने 30 में से 16 सीटें जीत ली हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए को 14 सीटें मिली हैं।