विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं कर सकता या ना ही कूटनीति के रूप में इसे जायज बता सकता है।

उन्होंने भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच संघर्ष विराम पर हालिया समझौते को ‘अच्छा कदम’ बताया लेकिन इंगित किया कि दोनों देशों के बीच कुछ बड़े मुद्दे बाकी हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ”एक ना एक दिन दोनों पड़ोसियों को रास्ते तलाशने होंगे। यह सवाल नहीं है कि क्या हम एक साथ रह सकते हैं।”

जयशंकर ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल एच आर मैकमास्कर के साथ बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।

हूवर इंस्टीट्यूशन द्वारा आयोजित ‘भारत: रणनीतिक भागीदारी के लिए अवसर और चुनौतियां’ विषय पर संवाद सत्र का आयोजन किया गया।

कोरोना वायरस की स्थिति पर विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया के एक हिस्से का टीकाकरण होना और एक हिस्से का नहीं होना, किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि अगर बड़े देश हर चीज को नजरअंदाज कर अपने-अपने राष्ट्रीय हितों पर ध्यान देंगे तो दुनिया में ”बड़ी समस्या” पैदा होगी।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version