नयी दिल्ली, एक मई भारत को शनिवार को रूस से स्पूतनिक वी वैक्सीन की 1.5 खुराक की पहली खेप मिली।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक ट्वीट में कहा कि हैदराबाद सीमा शुल्क ने रूस से आयातित कोविड-19 वैक्सीन की खेप की निकासी की प्रक्रिया तेजी से निपटायी।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने कहा कि रूसी वैक्सीन की 1.5 लाख खुराक की पहली खेप हैदराबाद पहुंच गई है।
रूस ने 11 अगस्त 2020 को कोरोना वायरस की वैक्सीन स्पूतनिक वी को मंजूरी दी थी। इसके बाद सितंबर में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) ने स्पुतनिक वी के चिकित्सकीय परीक्षण के लिए एक समझौता किया था। डॉ रेड्डीज को रुसी वैक्सीन के नियंत्रित आपातकालिक उपयोग की अनुमति पहले ही मिल चुकी है।
हैदराबाद स्थित कंपनी ने कहा कि इसके बाद अगले कुछ हफ्तों में अगली खेप आ जाएगी।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के एपीआई एवं सेवा विभाग के सीईओ दीपक सपरा ने कहा, ”…स्पुतनिक वी वैक्सीन की 1,50,000 खुराक की पहली खेप रूस से हैदराबाद आ गई है। इस खेप का वितरण आवश्यक मंजूरी के अधीन होगा, जिसे अगले कुछ दिनों में पूरा किया जाएगा। ”
उन्होंने कहा कि इस शुरुआती मात्रा का इस्तेमाल विभिन्न चैनलों द्वारा पायलट रूप में किया जाएगा, ताकि ”हमारी आपूर्ति श्रृंखला को एक बड़े टीकाकरण कार्यक्रम के लिए तैयार किया जा सके।”
सीबीआईसी ने ट्वीट किया, ”हैदराबाद सीमा शुल्क ने रूस से आयातित स्पूतनिक वी वैक्सीन को शीघ्र निकासी की सुविधा दी।”
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट में कहा, ”हैदराबाद सीमा शुल्क, समय पर समुचित कार्य। वक्त की मांग है ये।”
सरकार ने पिछले महीने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए आयातित टीकों के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी थी और उनके आयात पर सीमा शुल्क को माफ कर दिया था।
सरकार ने एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के टीकाकरण की अनुमति भी दी है।
शनिवार को भारत में कोविड19 संक्रमण के 4.01 लाख नए मामले सामने आए जो एक रिकार्ड है। इसके साथ 3,523 लोगों की कोराना से मौत की भी सूचना है।