रांची (आजाद सिपाही)। राज्य में लॉकडाउन और लोगों के संयम का असर अब धीरे-धीरे दिखने लगा है। झारखंड में सात दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों के बढ़ने की संख्या में कमी आ रही है, यानी डबलिंग रेट के दिन फिर बढ़ रहे हैं। वहीं, कोरोना से ठीक होनेवालों की संख्या भी बढ़ रही है। हालांकि अभी पहली वाली स्थिति नहीं आयी है। इसलिए लोगों को अभी सतर्क और संयम बनाये रखने की जरूरत है।
अभी भी तीन अप्रैल वाली स्थिति नहीं
राज्य में तीन अप्रैल को जो स्थिति थी, अभी हम उस स्थिति में नहीं पहुंचे हैं। मार्च में कोरोना संक्रमण बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद अप्रैल के पहले सप्ताह से लगातार मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में कोरोना के तीन अप्रैल को कुल सक्रिय मामले केवल चार हजार 613 थे। उस दिन 873 नये मरीज मिले थे। सात दिनों में डबलिंग रेट 171.72 दिन था। रिकवरी रेट 95.46 फीसदी था। एक महीने बाद तीन मई की सुबह तक सक्रिय मामले 58 हजार 591 हैं। सात दिन में डबलिंग रेट 29.40 दिन हैं। नये मरीज 4541 मिले हैं। यानी अप्रैल में जहां 171 दिन में मरीज दोगुने हो रहे थे, वहीं अभी मई में केवल 29 दिन में ही मरीज दोगुने हो रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह में स्थिति सुधरी
राज्य सरकार ने 22 अप्रैल से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के नाम से लॉकडाउन-2 शुरू किया है। राज्य में छह मई की सुबह तक दुकानों के खोलने, लोगों के अवागमन आदि को लेकर कुछ पाबंदियां लगायी गयी हैं। जिन दुकानों को खोलने की अनुमति है, वे भी केवल दो बजे तक खुली रह सकती हैं। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जनता भी सरकार का साथ दे रही है। सरकार द्वारा जारी नयी गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। इस कारण पिछले एक सप्ताह में थोड़ा सुधार दिख रहा है। सरकार द्वारा जारी आंकड़े पर नजर डाली जाये, तो 26 अप्रैल को सात दिन पहले दोगुने मरीज होने की दर 23.56 दिन थी। रिकवरी रेट 75.097 था। वहीं लॉकडाउन और लोगों की जागरूकता के कारण एक सप्ताह बाद डबलिंग रेट 29.40 दिन पर पहुंचा है। रिकवरी रेट भी 75 फीसदी पर है।

अभी संयम रखने की है जरूरत
कोरोना संक्रमण की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। पिछले 24 घंटे में चार हजार 738 नये मरीज मिले, तो चार हजार 541 मरीज ठीक भी हुए। अस्पतालों में भी फिलहाल स्थिति ठीक है। आॅक्सीजन, बेड, दवाई आदि को लेकर पहले जैसी मारामारी नहीं हो रही है। लोग जागरूक होकर घर पर भी ठीक हो रहे हैं। पर स्थिति अभी भी काबू में नहीं है। इसलिए लोगों को अभी और संयम रखने की जरूरत है। खुद को घर में कैद रखने और बहुत आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की सलाह को मानना होगा। कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना होगा, तभी हम यह जंग जीत पायेंगे।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version