नई दिल्ली । केन्द्र सरकार देश में रेमेडेसिविर दवा की उपलब्धता, उत्पादन और वितरण पर लगातार नजर बनाए हुए है और इसमें वृद्धि करने का प्रयास कर रही है। राज्यों को अप्रैल के बाद से अब तक दवा की 76 लाख शीशियां आवंटित की गई हैं। इसके अलावा उत्पादन को 38 लाख शीशियां प्रतिमाह से बढ़ाकर 119 लाख तक कर दिया गया है।

फार्मास्यूटिकल्स विभाग का कहना है कि वर्तमान में देश में सात कंपनियां सिप्ला, डॉ रेड्डीज लैब, हेटेरो, जुबिलेंट फार्मा, माइलान, सिनजीन और जायडस कैडिला अमेरिकी कंपनी गिलियड लाइफ साइंसेज से मिले स्वैच्छिक लाइसेंस  के आधार पर देश में दवा का उत्पादन कर रही हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए 38 नई साइट विकसित की जा रही हैं जिससे उत्पादन इकाइयों की संख्या 22 से बढ़कर 60 हो जाएगी।

रेमेडेसिविर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक तरफ दवा के निर्यात पर रोक लगा दी है, वहीं 11 अप्रैल के बाद से राज्यों को होने वाला वितरण भी अपने हाथों में ले लिया है। अब राज्यों को उनकी जरूरतों के हिसाब से दवा का आवंटन किया जा रही है। राज्यों को परामर्श दिया गया है कि वह भी अपने यहां इसका उचित वितरण सुनिश्चित करें।

इसके अलावा केन्द्र सरकार का कहना है कि विदेश मंत्रालय दवा में प्रयोग आने वाले कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही विदेशों से सहायता के तौर पर प्राप्त 5.26 लाख दवा शीशियां तथा खरीदी गई 40 हजार शीशियां भी राज्यों को वितरित कर दी गई है।

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