- पूर्वी तट पर बचाव और राहत संचालन के लिए आईएनएस चिल्का तैनात
– नौसेना का कंट्रोल रूम जहाजों की आवाजाही पर रख रहा है निगरानी
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘यास’ की लैंडफाल प्रक्रिया शुरू होते ही भारतीय नौसेना की निगाहें पूर्वी तट पर और पैनी हो गईं हैं। बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के बुधवार दोपहर तक बद्रक और बालासोर जिलों के बीच से गुजरने की संभावना है। लैंडफाल वाले इलाके में 130 से 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल रही है। लैंडफाल की यह प्रक्रिया तीन-चार घंटे तक चलेगी। पूर्वी तट पर बचाव और राहत संचालन के लिए नौसेना ने अपने जहाज आईएनएस चिल्का को तैनात किया है।
पश्चिम बंगाल में सेना की पूर्वी कमान तैयार
भारतीय सेना की पूर्वी कमान चक्रवात ‘यास’ को देखते हुए पश्चिम बंगाल में राहत एवं बचाव कार्यों की अगुआई कर रही है। सेना के कॉलम की तैनाती पश्चिम बंगाल सरकार के साथ करीबी समन्वय में की गई है। कुल सत्रह एकीकृत चक्रवात राहत कॉलम तैनात किए गए हैं, जिनमें संबद्ध उपकरणों और फुलाए जा सकने वाली नौकाओं के साथ विशेष कर्मी शामिल हैं। पुरुलिया, झारग्राम, बीरभूम, बर्धमान, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में कॉलम तैनात किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में सेना के नौ चक्रवात राहत कॉलम भी कोलकाता में स्टैंडबाय पर रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इनकी पुनः तैनाती की जा सके। यह दल स्थानीय ज़िला प्रशासन की आवश्यतानुसार बाढ़ में घिरे और फंसे लोगों को निकालने, चिकित्सकीय सहायता देने, तूफान के बाद सड़क मार्ग ख़ाली करने, पेड़ काटने तथा राहत सामग्री का वितरण करने के लिए तैयार हैं।