- पूर्व की सरकार में भी प्रेम पर तत्कालीन मुख्य सचिव की विशेष कृपा बरसी थी
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में जांच कर रही इडी की टीम ने बुधवार को राज्य के प्रभावी नेताओं और नौकरशाहों के करीबी रहे प्रेम प्रकाश के कई ठिकानों पर छापेमारी की शुरूआत की थी, जो कि गुरुवार को समाप्त हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार इडी ने वसुंधरा अपार्टमेंट स्थित फ्लैट से कई कागजात और मोबाइल फोन बरामद किये हैं, जिसके बाद इडी की टीम वसुंधरा अपार्टमेंट से लौट आयी है।
बता दें, मनी लांड्रिंग मामले की जांच कर रहे इडी के अधिकारी बुधवार दोपहर बाद सुरक्षा बलों के साथ योजनाबद्ध तरीके से प्रेम प्रकाश के आवास में दाखिल हुए, जिसके बाद पूरे घर को सुरक्षा बलों ने घेर लिया। किसी को अंदर से बाहर और बाहर से अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। इस दौरान प्रेम प्रकाश के घर की तलाशी ली गयी और कई कागजात और जानकारी जुटायी गयी।
* कौन है प्रेम प्रकाश
वर्तमान में प्रेम प्रकाश को झारखंड का सबसे बड़ा पावर ब्रोकर माना जाता है। आइएएस, आइपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर बड़े-बड़े ठेकों को मैनेज करने में प्रेम प्रकाश को बड़ा खिलाड़ी कहा जाता है। सत्ता के गलियारे में प्रेम प्रकाश का जाना-माना नाम है। चाहे भाजपा की सरकार रही हो या झामुमो की सबमें प्रेम प्रकाश की पैठ रही। एक साधारण बैंक कर्मचारी से लेकर सत्ता के गलियारे तक पहुंचे प्रेम प्रकाश से जुड़ी दास्तां भी काफी दिलचस्प है। कहा जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के आवास में मोबाइल चोरी का आरोप प्रेम प्रकाश पर लगा था, तब उनके गार्ड ने उनकी धुनाई कर दी थी।
मूल रूप से सासाराम के रहनेवाले प्रेम प्रकाश का पुकारू नाम छोटुआ था। इस सरकार से पहले उसका संबंध झारखंड में मुख्य सचिव के पर अपने नाम का सिक्का चला चुकीं सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य सचिव से था। प्रेम प्रकाश ने झारखंड में मिड डे मील के तहत अंडा आपूर्ति का काम लिया था। वर्ष 2015-16 में राज्य सरकार द्वारा रेडी टू इट फूड की व्यवस्था की गयी। इसी मिड डे मील में अंडा आपूर्ति का काम प्रेम प्रकाश को मिला था। रांची के अशोक नगर के रोड नंबर 5 के सामने एक अपार्टमेंट में उसका साम्राज्य चलता था। रात के अंधेरे में वहां बड़े-बड़े और प्रभावशाली आइएएस-आइपीएस अफसर आते थे। आसपास के लोग तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि वहां रात में कुछ लड़कियां भी महंगी गाड़ियों में आती थीं। वहीं बरियातू थाने के पीछे एक अपार्टमेंट के पेंट हाउस में आयोजित उसकी पार्टी में सत्ता के तमाम बड़े लोग जाते थे। कहा जाता है कि पिछले सात से आठ साल में प्रेम प्रकाश की संपत्ति करोड़ों की हो गयी है।
प्रेम का कछुआ वन विभाग के लिए बना सिरदर्द
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। इडी की छापेमारी में रांची के हरमू स्थित प्रेम प्रकाश के घर से विदेशी मूल का कछुआ बरामद हुआ है। वन विभाग के अफसरों के अनुसार बरामद कछुआ कंबोडियम मूल का है, जो काफी रेयर मूल का कछुआ है। ये प्रतिबंधित है। इसकी कीमत 10 लाख से 28 लाख तक हो सकती है। जब्त कछुआ को वन विभाग के अधिकारी अपने साथ 25 मई की रात ही ले गये। मगर जब्त कछुआ अब वन विभाग के लिए सिरदर्द बन गया है। उस कछुआ को रखने का स्थान वन विभाग के अफसरों को नहीं मिल रहा है। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि यह कछुआ बहुत रेयर है। प्योर मांसाहारी है। ऐसे में इसे चिड़ियाघर भेज नहीं सकते, क्योंकि यह इनवेसिव स्पीशीज है। जिस तालाब में इस कंबोडियन मूल के कछुआ को रखा जायेगा, उस तालाब में पल रहे दूसरे जीव समाप्त हो जायेंगे। यह उन जीवों को अपना आहार बना लेगा। डीएफओ रांची कार्यालय में कछुआ को लेकर अफसरों ने रिसर्च शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ कस्टम एक्ट के तहत प्रेम प्रकाश पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्रेम प्रकाश ने यह कछुआ अपनी बेटी को बर्थ डे गिफ्ट के रूप में दिया था। बेटी की उम्र 14 साल है, जिसे पिछले साल जन्मदिन के अवसर पर उपहार मिला था। इडी के अफसरों की माने तो घर में विदेशी नस्ल का एक कुत्ता भी है, जिसे बाहर से मंगाया गया है।