आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड की राजनीति में इन दिनों उठापटक जोरों पर है। मुख्यमंत्री के भेजे नोटिस पर निर्वाचन आयोग क्या एक्शन लेगा, अभी गर्त में छिपा है। इस बीच झामुमो और कांग्रेस ने मंगलवार को एक संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर महंगाई पर भाजपा को घेरा। झामुमो के गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि आज जब झारखंड सहित पूरे देश में महंगाई चरम पर है। भाजपा ने अपनी नीतियों से मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। लोगों की थाली से निवाला छिन गया है, तो इस समय भाजपा लाउडस्पीकर और हनुमान चालीसा जैसे मुद्दे को लाकर जनता को उसके बुनियादी सुविधाओं से भटका रही है। इसी कड़ी में अब झारखंड में भी इडी, सीबीआइ जैसे संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर हेमंत सरकार को भी अस्थिर करने का काम भाजपा कर रही है।
कांग्रेस के जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी ने भी महंगाई को लेकर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि आज भाजपा ने महंगाई बढ़ाकर देश की जनता को बदहाल जीवन जीने को विवश कर दिया है। इरफान ने कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर झारखंड के सत्ता में आने का सपना देख रही है। जिसे झामुमो -कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन कभी पूरा नहीं होने देगा। गठबंधन सरकार हमेशा झारखंड की जनता के हितों के लिए काम कर रही है और करती रहेगी।
बाबूलाल को बिन पेंदी का लोटा बताया
इरफान अंसारी ने कहा कि आज पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी भ्रष्टाचार, लूट की खूब बातें कर रहे हैं। भाजपा के सुर में सुर मिला रहे हैं। कल तक वे भाजपा और इसके नेताओं के खिलाफ खूब बोलते थे। अब वे बिन पेंदी का लोटा हो चुके हैं। जनता भाजपा और बाबूलाल के कारनामों को देख रही है। उनमें गुस्सा है। भ्रष्टाचार की बातों के बहाने महंगाई जैसे मुद्दे को डायवर्ट किया जा रहा है। राज्य में 20 सालों तक भाजपा का ही शासन रहा। अब सत्ता से बाहर रहने पर भ्रष्टाचार की बात कर रही। हेमंत सरकार को डिस्टर्ब करने में पार्टी लगी है।
सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि कोरोना काल में हेमंत सरकार ने सराहनीय काम किया है। महागठबंधन के सभी दल आपसी समन्वय के साथ अच्छा काम कर रहे हैं। पर भाजपा इस प्रयास में है कि राज्य सरकार को इतना विचलित कर दे कि हेमंत सरकार का ध्यान लोक कल्याणकारी कामों से हट जाये।
लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी
राकेश सिन्हा ने कहा कि कोरोना काल में युवाओं से रोजगार छीने गये। महंगाई बढ़ी। साथ-साथ निम्न वर्गीय और मध्यम वर्गीय परिवारों की थाली से निवाला छीना गया। किचन का बजट खत्म हो गया। पर इस पर काम करने की बजाये पीएम मोदी विलासिता में डूबे हैं। विदेश यात्राओं पर जा रहे हैं। हवाई जहाज खरीदे गये। मोदी सरकार लोकतंत्र को खत्म कर राजतंत्र स्थापित करने में लगी है। यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
मानवीय आधार पर मुख्यमंत्री ने आयोग से समय मांगा है, कोई राजनीति नहीं है
माइनिंग लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 10 मई तक निर्वाचन आयोग की ओर से भेजे गये नोटिस का जवाब देना था। सुदिव्य सोनू ने कहा कि जवाब में मुख्यमंत्री ने आयोग से कुछ और अतिरिक्त समय की मांग की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां के बीमार होने को आधार बनाकर मानवीय आधार पर अतिरिक्त समय की मांग की है। सोनू ने कहा कि आप लोगों को पता ही है। सीएम की मां रुपी सोरेन का इलाज हैदराबाद में हो रहा है। परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं हैं। वे भी पिछले दिनों अस्पताल में ही थे। ऐसे में सीएम ने निर्वाचन आयोग से मानवीय आधार पर राहत देते हुए कुछ अतिरिक्त समय देने की मांग की है।