आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। बुधवार से शुरू हुई इडी की कार्रवाई गुरुवार को सत्ता के दलाल प्रेम प्रकाश के घर में तलाशी के साथ समाप्त हो गयी। बता दें कि छापेमारी के दौरान प्रेम प्रकाश के यहां से करोड़ों के निवेश के दस्तावेज मिले हैं। इडी ने पूछा, पैसा कहा से आया। प्रेमप्रकाश से लैपटॉप और मोबाइल चैट के जरिये की गयी बातचीत के बारे में जानकारी ली जा रही है। गुरुवार को प्रेम प्रकाश ने इडी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करायी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उसने स्वीकार कर लिया है कि उसके कहने पर कई अधिकारियों के तबादले हुए थे। साथ ही उसने यह भी माना कि उसके कहने पर कई फैसले बदले गये। शराब नीति में भी उसकी भूमिका रही है। उसने उन अधिकारियों के नाम भी बताये हैं, जो उसके घर आया-जाया करते थे। इसमें आइएएस और आइपीएस अधिकारी शामिल हैं। इडी ने उससे जानना चाहा कि तुम्हारी आमदनी का स्रोत क्या है। उसका प्रेम प्रकाश ने कोई जवाब नहीं दिया। इडी के अधिकारियों ने यह भी पूछा कि करोड़ों का फ्लैट और गांव में घर कहां से बना। उसके प्रोफाइल के बारे में भी इडी ने जानकारी हासिल की। उसकी लग्जरी लाइफ के बारे में भी इडी ने जानकारी ली कि उसे मेनटेन कैसे करते हो। पूछताछ में इडी के अफसरों का फोकस यह जानने पर था कि उसकी किन-किन अधिकारियों से नजदीकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले तो वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं था, बहाने बना रहा था, लेकिन बाद में इडी के समक्ष वह टूट गया और उसने स्वीकार किया कि राज्य के पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा से भी उसके अच्छे रिश्ते थे। उनके कहने पर ही वह रांची आया था। उसके मुताबिक बिल्डर अनिल झा और मनोज सिंह से भी उसके रिश्ते अच्छे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग में इनकी भी भूमिका है। अवैध तरीके से वसूली गयी रकम को प्रेम प्रकाश खपाया करता था। इडी के अधिकारियों ने हरमू स्थित उसके किराये के मकान के अलावा दूसरे राज्यों में संपत्ति की जानकारी भी प्रेम प्रकाश ने इडी को दी है।

मनोज के घर की भी तलाशी : प्रेम प्रकाश ने जैसे ही लालपुर के रहनेवाले बिल्डर मनोज सिंह का नाम लिया, तो उसके बाद बुधवार की रात ही आयकर की टीम मनोज सिंह के घर जा पहुंची और उनके घर की तलाशी ली। उनके यहां से क्या कुछ मिला है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पायी है। सूत्र बताते हैं कि निवेश के कुछ दस्तावेज आयकर की टीम लेकर चली गयी।

पूजा सिंघल के मामले में चल रही है जांच : बता दें कि इडी ने 6 मई को झारखंड की पावरफुल आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापामारी की थी। इस छापामारी में सीए सुमन कुमार के घर से 17 करोड़ से अधिक रकम बरामद हुई थी। इडी ने छापेमारी की कार्रवाई मनरेगा घोटाले की जांच के तहत की थी, लेकिन उस दौरान मिले सबूतों के आधार पर मामला अवैध खनन की तरफ मुड़ गया है। पूजा सिंघल के मोबाइल से खनन विभाग के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। उसी सिलसिले में जांच चल रही है, जिसमें प्रेम प्रकाश, विशाल चौधरी, निशिथ केशरी, अनिल झा के घरों पर छापा पड़ा और आधा दर्जन डीएमओ से पूछताछ हुई।

अभिषेक झा से पूछताछ
निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा से इडी के अधिकारियों ने फिर पूछताछ की। इडी से अभिषेक झा ने पल्स अस्पताल निर्माण में इन्वेस्टमेंट के संबंध में जवाब देने के लिए कुछ दिनों का समय लिया था। वह समय पूरा हो गया है। बता दें कि इडी पल्स निर्माण में लगे पैसों का स्रोत जानना चाहती है।

‘सरकारी गवाह बना देंगे तुमको, सच-सच बोलो’
पहले तो पूछताछ में प्रेम प्रकाश कोई सहयोग नहीं कर रहा था। लेकिन जैसे ही इडी के अधिकारियों ने प्रेम प्रकाश से जब यह कहा कि तुमको सरकारी गवाह बना लेंगे, तुमको कुछ नहीं होगा, तुमको पूरी तरह से बचा लेंगे, कोई बहाना मत करो, सही-सही बता दो। इसके बाद प्रेम प्रकाश ने वह सब कुछ उगल दिया जो वह जानता था। झारखंड में आइएएस-आइपीएस अधिकारियों के तबादले में उसकी भूमिका और वसूली जानेवाली रकम, शराब नीति सहित अन्य चीजों की जानकारी उसने दे दी। उसने कई बड़े लोगों के नाम बताये हैं और यह भी बता दिया है कि उनका निवेश कहां-कहां है। इडी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है।

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