बेगूसराय। मिथिला और मगध का मिलन स्थल पावन गंगा तट सिमरिया धाम (बेगूसराय) 2024 के अंत तक भव्य स्वरूप में परिवर्तित हो जाएगा। इससे मिथिलावासियों की लंबे समय से हरिद्वार के हर की पौड़ी की तरह जानकी पौड़ी के रूप में विकसित करने की मांग पूरी हो जाएगी। इसका नक्शा और ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है।
संभावना है कि 20 मई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार सभी बिंदुओं पर कार्य का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन एवं जल संसाधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष सात करोड़ से अधिक राजस्व देने वाले सिमरिया घाट में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। कार्तिक महीने में यहां एशिया प्रसिद्ध कल्पवास मेला लगता है। बिहार और आसपास के राज्य के साधु-संत ही नहीं, नेपाल तक से श्रद्धालुओं की भीड़ एक महीना तक जुटी रहती है लेकिन घाट पर श्रद्धालुओं के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
लंबे समय से यहां हरिद्वार के हर की पौड़ी की तरह जानकी पौड़ी निर्माण और गंगा घाट के उद्धार की मांग की जा रही है। इसके बाद पिछले साल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पर नजर गई तथा नौ नवम्बर को उन्होंने कल्पवास मेला में आकर घाट का निरीक्षण किया एवं विकसित करने के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया था।
तय योजना के अनुसार जल संसाधन विभाग ने सभी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास करने के साथ कार्य आरंभ हो जाएगा। रिवर फ्रंट सुव्यवस्थित तरीके से बनाया जाएगा। सीढ़ी गर्मी के समय में पानी वाले स्थान से लेकर गाइड बांध तक बनेगा, जिससे किसी भी समय लोगों को स्नान के लिए सीढ़ी से नीचे नहीं उतरना पड़े।
सीढ़ी के अंतिम छोर पर लोहे का बैरिकेडिंग किया जाएगा। बाढ़ के समय की सुरक्षा के लिए भी नई तकनीक से कम होंगे। जीके झा कंस्ट्रक्शन को काम करने की जिम्मेदारी दी गई है तथा 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विकास योजना में कल्पवास मेला क्षेत्र में भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। एनएच से घाट तक फोरलेन सड़क और लाइट की व्यवस्था रहेगी।
प्रवेश द्वार, पार्किंग, हाई मास्क लाइट, रिवरफ्रंट सेंट्रल प्लाजा, मेला रोड, धर्मशाला, चेंजिंग रूम, आरती मंच और वाच टावर सहित अन्य प्रावधान किए गए हैं। बिहार सरकार जहां इस योजना पर काम कर रही हैं। साथ ही केंद्र सरकार के नमामि गंगे के तहत भी सिमरिया में विकास कार्य शुरू है। पुराने रेल-सह-सड़क पुल के दोनों सिक्स लेन सड़क पुल एवं रेल बन रहा है। विकास की योजना पूरी हो जाने के बाद सिमरिया का बिहार में अद्वितीय रूप दिखेगा।