रांची। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक हामिद अख्तर ने लिखित रूप से बताया है कि जेल में छवि रंजन और प्रेम प्रकाश के बीच मुलाकात कानून के अंतर्गत करायी गयी थी। छवि रंजन ने मुलाकात की इच्छा जतायी थी, जिसकी व्यवस्था की गयी। यहां उल्लेखनीय है किइडी की पूछताछ में रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन ने प्रेम प्रकाश से अपने रिश्ते से इनकार किया था। जेल जाते ही उन्हें प्रेम प्रकाश से मिलने की इच्छा हुई और जेल में इन दोनों की मुलाकात करायी गयी। खबर जब जेल से बाहर आ गयी, तो हो हंगामा मचा। जेल अधीक्षक ने इडी को चिट्ठी लिख कर बताया है कि इन दोनों की मुलाकात कानूनी तौर पर सही थी और नियम के तहत यह मुलाकात करायी गयी थी।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
बता दें कि जेल में छापेमारी के दौरान प्रेम प्रकाश और छवि रंजन की मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज जांच अधिकारियों के हाथ लगा। जब इन दोनों की मुलाकात की खबर बाहर आयी, तो अब जेल अधीक्षक ने इडी के अधिकारियों को यह बात लिख कर दी है कि इसमें नियम के खिलाफ कुछ भी नहीं है। साथ ही यह भी दावा किया है कि इस मुलाकात में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सब कुछ नियम के अनुरूप हुआ, लेकिन, इडी को जेल की ओर से दोनों आरोपियों की मुलाकात से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिया गया।

प्रेम प्रकाश से मिलना चाहते थे छवि रंजन

15 मई को दोपहर करीब तीन बजे से बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में शुरू हुई इडी की छापेमारी रात के करीब दो बजे खत्म हुई। इडी ने जेल में बंद कई बड़े अधिकारियों के सेल की भी तलाशी ली, सीसीटीवी फुटेज चेक किया। इसी दौरान छवि रंजन और प्रेम प्रकाश के वार्ड का सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें दोनों की मुलाकात का पता चला। मुलाकात पर सवाल उठाये जाने पर जेल अधीक्षक ने यह लिख कर दिया कि छवि रंजन ने जेल में आने के बाद प्रेम प्रकाश से मिलने की इच्छा जतायी थी। प्रेम प्रकाश से भी इस पर सहमति मांगी गयी, जिसके बाद इन दोनों की मुलाकात करायी गयी। जेल अधीक्षक ने चिट्ठी में यह भी बताया है कि कैदियों के सामान्य वार्ड शाम छह बजे तक और अपर डिविजन कैदियों का वार्ड रात के आठ बजे तक खुला रहता है। जेल अधीक्षक की अनुमति से कैदी एक-दूसरे से मिल सकते हैं। इस मुलाकात में जेल अधीक्षक की सहमति थी। उनके आदेश के बाद ही मुलाकात करायी गयी।

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