रांची। मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पहली कक्षा से नागपुरी, खारेठा, पंचपरगनिया, कुरमाली भाषा में पढ़ाई हो। कहा कि मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन आदिवासी-मूलवासी की बात करते हैं, लेकिन जब मूलवासी यानी सदान के विकास या उनके भाषा को बढ़ाने की बात आती है, तो वे इस पर विचार नहीं करते हैं।
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन द्वारा 1 जून से जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई पहली कक्षा से प्रारंभ करने की बात में रविवार को सिंहभूम के मझगांव में कही गयी थी। राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री किसी जाति और धर्म विशेष का नहीं होता, मुख्यमंत्री को राज्य की संपूर्ण जनता के दुख-दर्द और राज्य की वास्तविकता को समझकर जनता की हितों में निर्णय लेना पड़ता है। मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य स्वागत किया। कहा कि इसके साथ-साथ सदानी भाषा यानी मूलवासी सदानों की भाषा नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया और कुरमाली भाषा की भी पढ़ाई शुरू करायी जाये। राजेंद्र प्रसाद ने रामटहल चौधरी को सुझाव देते हुए कहा कि वे भाजपा में शामिल होने के बाद मूलवासी सदानों के अधिकारों के लिए भाजपा में मुखर हों।