पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ पटना के दीघा घाट पर किया गया। उनके बेटे ने उन्हें मुख्य अग्नि दी। इस मौके पर बिहार बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे। इससे पहले सुशील मोदी का पार्थिव शरीर उनके राजेंद्र नगर स्थित आवास पर लाया गया था, जहां अंतिम दर्शन के लिए सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, राधा मोहन सिंह, मंगल पांडे समेत बीजेपी के तमाम नेता और कार्यकर्ता यहां पहुंच थे। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी का दिल्ली के एम्स में कैंसर का इलाज चल रहा था। जहां उन्होंने 13 मई को आखिरी सांस ली, वे 72 साल के थे।
आज ही 14 मई को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना पहुंचा था जहां उनके आवास पर तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनका अंतिम दर्शन किया। उसके बाद पार्थिव शरीर को संघ कार्यालय और विधानसभा परिसर ले जाया गया, जहां उपमुख्यमंत्री सह प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने और अन्य बीजेपी नेताओं ने उन्हें पुष्पांजलि चक्र अर्पित किया। उनके निधन से बिहार के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। पीएम मोदी से लेकर सीएम नीतीश और लालू यादव ने उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। बिहार की राजनीति में उनका बड़ा योगदान है। खास कर बीजेपी को बिहार में शिखर तक लाने में उनका खासा योगदान रहा।
राजनीति के सफर में एक कर्मठ नेता और कार्यकर्ता की तरह वो हमेशा आगे आगे रहे। कभी सत्ता में तो कभी विपक्ष में रहकर उन्होंने अपनी राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। उनके बारे बताते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि सुशील मोदी ने कैलाश पति मिश्र के साथ मिलकर बिहार में बीजेपी के संगठन को खड़ा किया था। वो पार्टी में भी सामाजिक परिवर्तन लाए। समाज के हर सुख दुख में पहुंच जाते थे। उनके जाने से बहुत बड़ी क्षति हुई है। अभी उसकी भरपाई नहीं हो सकती। लेकिन समाज इसकी समय पर भरपाई करेगा। इस चुनाव में भी उनकी बहुत कमी खल रही थी। पिछली बार चुनाव में मेरे लिए अंतिम दिन रोड शो किए थे। हमारे उम्र के थे। बहुत पुराने साथी थे। बहुत याद आएगी।