पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए तृणमूल कांग्रेस के मजबूत गढ़ को ध्वस्त कर दिया है। भाजपा प्रत्याशी देबाशीष पांडा ने एक लाख आठ हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। यह क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, जो टीएमसी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस करारी हार को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले लोकसभा चुनाव में इसी क्षेत्र से टीएमसी को करीब 1.70 लाख वोटों की बढ़त मिली थी, लेकिन इस उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार जहांगिर खान को महज साढ़े पांच हजार के आसपास वोट मिले। मतदान से दो दिन पहले टीएमसी प्रत्याशी जहांगिर खान ने चुनाव मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था, जिसके बाद भाजपा की जीत तय मानी जा रही थी।
विपक्ष की स्थिति: वाममोर्चा समर्थित उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी ने लगभग 37 हजार वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला को करीब 9.5 हजार वोट मिले। नतीजों के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे तृणमूल कांग्रेस के पतन की शुरूआत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि फलता की जनता ने वर्षों बाद स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान कर लोकतंत्र को पुनर्स्थापित किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर सिंडिकेट राज और डर की राजनीति का आरोप लगाया और वादा किया कि विकास के माध्यम से भाजपा जनता के इस विश्वास का ऋण चुकाएगी।



