तेहरान/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशों में सकारात्मक संकेत मिले हैं। कई मध्यस्थ देशों के जरिए दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत जारी है और संघर्ष टालने के लिए समझौते का मसौदा तैयार किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान और वाशिंगटन के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी तेज हो गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को संदेश और प्रस्ताव भेज रहे हैं ताकि टकराव को रोका जा सके। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि समझौता अब करीब पहुंच चुका है, हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि अंतिम सहमति को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि बातचीत में “अच्छे संकेत” दिखाई दे रहे हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को खत्म नहीं किया तो अमेरिका बेहद कड़े कदम उठा सकता है।

उधर, अमेरिका की राजनीति में भी ईरान मुद्दे पर घमासान देखने को मिला। हाउस रिपब्लिकन ने उस विधेयक पर मतदान टाल दिया, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य कार्रवाई संबंधी शक्तियां सीमित हो सकती थीं। यह मतदान अब जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

डेमोक्रेटिक सांसद Gregory Meeks ने रिपब्लिकन पर राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया। डेमोक्रेट नेताओं ने कहा कि रिपब्लिकन नियंत्रित हाउस, ट्रंप प्रशासन के समर्थन में काम कर रहा है और युद्ध शक्तियों से जुड़े प्रस्ताव पर मतदान टालना “कायरता” है।

वहीं हाउस रिपब्लिकन नेता Steve Scalise ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ सांसदों की अनुपस्थिति के कारण मतदान आगे बढ़ाया गया। हाउस स्पीकर Mike Johnson ने इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

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