आजाद सिपाही संवाददाता

कोडरमा। खदान संचालकों द्वारा रॉयल्टी का भुगतान कम कर अधिक खनिज निकालने के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू हो गयी है। उपायुक्त रमेश घोलप के निर्देश पर जिले में संचालित खदानों की मापी की जा रही है। वर्तमान में पांच खदान संचालकों पर 97 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है। वहीं राशि वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है। खनन विभाग द्वारा खदानों से खनन कर निकाली गयी खनिज एवं संचालकों द्वारा रॉयल्टी के रूप में भुगतान की गयी राशि का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल उपायुक्त के निर्देश पर पांच खदान संचालकों पर जुर्माना ठोकते हुए राशि जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। इसमें सबसे अधिक डोमचांच के नावाडीह मौजा अंतर्गत खदान संचालक महेंद्र प्रसाद वर्मा, कपिलदेव शर्मा एवं रामलाल प्रसाद यादव पर 34 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

वहीं डोमचांच के नवादा मौजा में खदान संचालक रूपक सिंह एवं परमेश्वर गुप्ता पर 16 लाख रुपये, डोमचांच के ही खरखार मौजा में मेसर्स दुर्गा स्टोर चिप्स संचालक हिमांशु केडिया एवं निधि वर्णवाल की दो खदानों पर 9.50 लाख और पांच लाख रुपये, खरखार के ही हरिओम मिनरल्स के संचालक वीरेंद्र प्रसाद मेहता पर 32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इस बाबत उपायुक्त रमेश घोलप ने बताया कि संबंधित संचालकों द्वारा उपयोग किये गये खनिज के विरुद्ध रॉयल्टी की राशि कम जमा की गयी है। खदानों के प्रशाखी मापी के बाद आकलन में अंतर पाया गया है। अब सभी से जुर्माना वसूला जायेगा और इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है।

उन्होंने कहा कि खनन विभाग में लॉक डाउन के कारण राजस्व प्रभावित हुआ था। खदानों की मापी के बाद लगाये जा रहे जुर्माना से राजस्व में सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि सभी खदानों की मापी का निर्देश दिया गया है। अगले कुछ दिनों में अन्य खदानों के आकलन के बाद कार्रवाई की जायेगी।

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