केरल में गर्भवती हाथी की मौत को लेकर उठे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता व सांसद मेनका गांधी की टिप्पणी के बाद उनकी वेबसाइट पीपुल्स फॉर एनिमल्स (पीएफए) हैक कर ली गई है। वेबसाइट को केरल साइबर वारियर्स नाम के ग्रुप ने हैक किया है और उस पर एक संदेश भी पोस्ट किया है। पीएफए के पेज पर मेनका गांधी के लिए जो मैसेज पोस्ट किया गया है, उसमें कहा गया है, ‘मेनका गांधी ने गर्भवती हाथी की दर्दनाक मौत को गंदी राजनीति में खींचा है।’
बताया जा रहा कि मादा हाथी की मौत के बाद मेनका गांधी के एक बयान को लेकर पीएफए की वेबसाइट हैक की गई है। दरअसल, पीएफए की आधिकारिक वेबसाइट मेनका गांधी द्वारा स्थापित एक पशु अधिकार एनजीओ की है। हैकर ने वेबसाइट पर लिखे संदेश में आगे कहा है, ‘आपका एजेंडा स्पष्ट है, जानवरों के लिए प्यार मुसलमानों के लिए नफरत से जुड़ा हुआ है। किसी व्यक्ति द्वारा विशेष रूप से एक भूतपूर्व मंत्री और एक लोकसभा सदस्य द्वारा गलत जानकारी फैलाना राष्ट्र के लिए वास्तविक खतरा है और स्वीकार्य नहीं है। मल्लपुरम में हिंदू और मुस्लिम के बीच का रिश्ता मजबूत है।’
उल्लेखनीय है कि गत 27 मई को केरल के मल्लपुरम में एक गर्भवती हाथी की पानी में खड़े-खड़े मौत हो गई थी। मामला संज्ञान में तब आया, जब केरल के एक वन अधिकारी ने इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट की। भूखी गर्भवती हाथी भोजन की तलाश में जंगल से भटक कर रिहायशी इलाके में पहुंच गई थी। हाथी सड़क पर टहल रही थी, तभी किसी ने उसे पटाखे से भरा अनानास खिला दिया, जिससे उसका मुंह फट गया। इस मामले के सामने आने के बाद मेनका ने कहा था कि केरल में और खासकर, मल्लपुरम में पशु-पक्षियों की हालत बेहद खराब है। केरल में सरकार और वन्यजीव विभाग कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
भाजपा नेता ने कहा था कि लगभग 600 हाथियों को मंदिरों द्वारा उनके पैरों को तोड़कर, उनकी पिटाई और भूख से मार दिया जाता है। अथवा निजी मालिकों द्वारा हाथियों का बीमा कराकर उन्हें मारा या जान-बूझकर डूबाेकर मार दिया जाता है।