कोलकाता। करीब तीन महीने के लॉक डाउन के बाद अब आखिरकार मछुआरे बंगाल की खाड़ी में उतरकर मछली पकड़ने की तैयारी कर रहे हैं। मछुआरों के संगठन की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि 14 जून तक समुद्र में जाने पर पाबंदी है। उसके बाद 15 जून से कोई रोक-टोक नहीं रहेगी। इसलिए हिलसा मछली पकड़ने की सारी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हिलसा बंगाल की खाड़ी में मिलने वाली ऐसी मछली होती है जो काफी लजीज लगती है और कम से कम 1300 से 1400 रुपये किलो की दर से बेची जाती है। पश्चिम बंगाल में इस मछली का क्रेज है। लॉक डाउन की वजह से मछुआरे समुद्र में नहीं उतर सके थे जिसकी वजह से मछली पकड़ नहीं पाए थे। समुद्र में उतरने से पहले जाल की मरम्मत और ट्रैलरों की मरम्मत का काम पूरा करने की शुरुआत हो गई है। मछलियों को संरक्षित करने के लिए ट्रेलर पर बर्फ रखे जा रहे हैं और इंधन की पुख्ता व्यवस्था भी की जा रही है। समुद्र में उतरने से पहले ट्रेलर की पूजा की जाती है। उस पूजा के लिए तैयारियां की जा रही हैं। जब पूजा खत्म हो जाएगा, तो काकद्वीप के नामखाना से समुद्र में उतरेंगे। इसके बाद वे ढाई घंटे तक ट्रॉलर चलाकर काली स्थान जाएंगे। कालीस्थान में वनदेवी की पूजा के बाद ही मछुआरे मछली पकड़ने के लिए उतरेंगे। हालांकि, सभी ट्रॉलर इस साल 15 जून को मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में जाने में सक्षम नहीं होंगे।
सुंदरवन मछुआरों के मजदूर संघ के सचिव सतीनाथ पात्रा ने कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन के कारण, मजदूरों की कमी के कारण ट्रेलर की मरम्मत का काम पूरा नहीं कर सके। सभी ट्रॉलर 15 जून को समुद्र में नहीं उतर पाएंगे। लेकिन अगले कुछ दिनों में सारे मछुआरे समुद्र में उतरकर मछली पकड़ सकेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश/गंगा