अजय झा
दुमका (आजाद सिपाह)। सरकार कोई भी हो नदियों पर हुकूमत माफिया की ही चलती है। बालू का अवैध कारोबार करना जहां इनके बायें हाथ का खेल है वहीं इन्हें सिस्टम का तनिक भी खौफ नहीं। झारखंड के बड़े शराब कारोबारी ने लगभग सभी बालू घाटों पर इस कदर कब्जा जमा लिया है कि वो जो चाहते हैं वही होता है। दिन भर ये घाट सुनसान रहता है। रात होते ही इन घाटों में दर्जनों ट्रकों के साथ माफिया और उनके गुर्गों की चमचमाती गाड़ियां रेंगनी शुरू हो जाती है। तस्वीर में साफ देख सकते हैं ये सभी ट्रक शाम होने का इंतजार कर रहे हैं। शाम होते ही ये सभी ट्रकें उन जगहों पर पहुंच जायेंगी जहां भारी मात्रा में बालू डंप कर रखा गया है। हर रात इन डंपिंग प्वाइंट से 50 ट्रक बालू बिहार जा रहा है। बात दुमका जिले के जरमुंडी और रामगढ़ थाना क्षेत्र की हो रही है। यहां के स्थानीय रसूखदार को माफिया ने अपना गुर्गा बनाया है। उसकी मदद से जहां जिस घाट से बालू उठाने का मन होता है उठा लेते हैं। बालू को एक निर्धारित डंपिंग प्वाइंट में जमा करते हैं और ट्रक को अपना चालान देकर बिहार भेजते हैं। ये चालान भी कहें तो नकली नहीं होता। क्योंकि इन डंपिंग प्वाइंट को भी इसी माफिया ने लीज पर ले रखा है। इसलिए ट्रक वाले इस चालान पर बालू उठाने में परहेज भी नहीं करते।
यहां होती है हेराफेरी
बालू उठाव से लेकर बालू डंपिंग तक जमकर हेराफेरी होती है। नियम के अनुसार एक डंपिंग प्वाईंट पर 70 हजार सीएफटी बालू डंप करने का आदेश है। एक ट्रैक्टर बालू 100 सीएफटी के बराबर होता है। लेकिन माफिया तत्व 70 हजार की जगह 3 लाख तो कभी 4 लाख सीएफटी बालू डंप कर लेते हैं। क्योंकि चालान काटने की इन्हें छूट रहती है। इस कारण 70 हजार की जगह लाखों सीएफटी बालू का मनमाना चालान काट देते हैं।
प्रशासन को खबर नहीं
इन माफिया तत्वों की पहुंच इतनी लंबी होती है कि इनके डंपिंग प्वाइंट पर झांकने तक पदाधिकारी नहीं आते। किस दिन कितना डंपिंग किया गया इसकी कोई खबर लेने की कोशिश भी नहीं की जाती।
एनजीटी का कोई मायने नहीं
इन माफिया को एनजीटी से कोई लेना-देना नहीं है। अभी सरकार ने एनजीटी लागू कर रखा है। इस प्रावधान के अनुसार कोई भी बालू घाट पर बालू का न तो उठाव होगा ना ही कोई डंपिंग होगी। लेकिन यहां इन्हें इससे कोई मतलब नहीं। बेखौफ बालू का उठाव कर रहे, बेखौफ डंपिंग कर रहे और बेखौफ ट्रक वालों को डिलीवरी दे रहे।
कहां हो रही डंपिंग और उठाव
जरमुंडी थाना व रामगढ़ थाना क्षेत्र के रेड़ा, लागला बैसा, सरंगपानी, जामा थाना के महारो में जमकर उठाव व डंपिंग हो रही है, वो भी बेतरतीब तरीके से।