अमृतसर: ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर खालिस्तान का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शनिवार को सिख पंथ द्वारा मनाए जा रहे घल्लुघरा दिवस के अवसर पर आक्रोशित नेताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसके बाद तमाम लोगों ने रोष प्रदर्शन किया। खालिस्तान के झंडे लहराते हुए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे। पुलिस प्रशासन और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई। इसके बावजूद पुलिस ने माहौल को शांत बनाए रखने का प्रयास किया।

शनिवार को सिख पंथ के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व है, जिसे सद्भावना पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम कीर्तन पाठ और भोग के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने श्री अकाल तख्त साहब से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। साथ ही करोना के खतरे को देखते हुए समाजिक दूरी के मापदंडों को भी ध्यान में रखा गया।

अकाल तख्त के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और दमदमी टकसाल ने अपील की थी कि श्रद्धालु अपने घरों में रहें, गुरबाणी का पाठ करें और अरदास करें। इसके उपरांत सिख  युवाओं द्वारा उठाए गए खालिस्तान समर्थक नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा के अगर यह नारेबाजी कार्यक्रम को बाधित करने के लिए की गई तो यह सही नहीं है, परंतु अगर कार्यक्रम के बाद खालिस्तान के नारे लगाए तो वह इस बात को रद्द नहीं करते, क्योंकि यह उनकी धार्मिक भावनाओं का स्वाभाविक परिणाम था।
इससे पूर्व श्री अकाल तख्त साहिब जाने के प्रयास में लगे गर्म ख्याली अकाली दल अमृतसर के नेता जिसमें ईमान सिंह, गोपाला सिंह आदि वहां अरदास करने पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर झड़प हो गई। रोष प्रदर्शन करते हुए अकाली दल अमृतसर के नेताओं ने जमकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खिलाफ नारेबाजी की। खालिस्तान के झंडे लहराए और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। तनावपूर्ण स्थिति को खत्म करने के लिए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखी।

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