ऑपरेशन ‘समुद्र सेतु’ के तीसरे चरण में भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व शुक्रवार को मालदीव में फंसे भारतीयों को लेकर भारत के लिए रवाना हुआ। 700 भारतीयों के साथ यह जहाज 7 जून को तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह पर पहुंचेगा।
मालदीव से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए आईएनएस जलाश्व गुरुवार को सुबह राजधानी माले पहुंच गया था। शुक्रवार को पोर्ट ऑफ माले में पहुंचने पर भारतीयों को जहाज पर सवार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। नौसेना के जहाज से भारत आने वाले यात्रियों की चेक-इन और जांच-पड़ताल वेलना एयरपोर्ट पर पूरी की गई। इसके बाद नौसेना की बसों से उन्हें बंदरगाह पर पहुंचाया गया। कुछ लोग अपने साधनों से भी बंदरगाह पहुंचे।
मालदीव में भारत मिशन के स्वयंसेवकों ने हवाई अड्डा क्षेत्र में पहुंचने वाले यात्रियों का स्वागत किया और आईएनएस जलाश्व में सवार होने से पहले औपचारिकताएं पूरी कीं। यात्रियों के सामान को जहाज पर लोड करने से पहले सेनेटाइज किया गया और यात्रियों की स्वस्थता की पहचान के लिए उनके हाथों में एक मुहर भी लगाई गई। जहाज पर चढ़ने से पहले उनका सामान अलग से लोड करने की व्यवस्था की गई। महिलाओं और बच्चों को जहाज पर सवार करने में प्राथमिकता दी गई।
देर शाम भारत के लिए रवाना होने से पहले तटबंध के दौरान मालदीव के तटरक्षक बल के कमांडेंट कर्नल मोहम्मद सलीम ने जहाज का दौरा किया। भारत सरकार के ‘मिशन वंदे भारत’ के तहत मालदीव और श्रीलंका से लगभग 2700 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक भारतीय तटों पर वापस लाएगा। यात्रा के दौरान जहाज पर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती के साथ पालन किया जाएगा।
मालदीव से 700 यात्रियों को लेकर शुक्रवार की देर शाम रवाना हुए आईएनएस जलाश्व के 07 जून 20 को तूतीकोरिन पहुंचने की उम्मीद है। सभी भारतीयों को तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह में उतारकर राज्य अधिकारियों को देखभाल के लिए सौंपा जाएगा।
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