रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि पिछले पांच सालों में राज्य की हर योजना में लूट होती रही और संसाधनों की बंदरबांट की गयी। इसी का परिणाम हुआ कि कई योजनाओं में सरकार का पैसा भी खर्च हो गया और लोगों को कोई लाभ नहीं मिला। सीएम ने यह बात मानगो जलापूर्ति योजना में गड़बड़ी बरते जाने की शिकायत मिलने के बाद ट्वीट में कही। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में योजनाओं में लूट और संसाधनों की बंदरबांट का ही परिणाम है कि एक सौ करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर योजनाएं जमीन पर काम नहीं कर रही हैं। उनकी सरकार इस स्थिति को निश्चित तौर पर बदलेगी। सीएम ने शिकायत को जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर को भेजते हुए उन्हें इस समस्या का त्वरित समाधान कर सूचित करने को कहा।
आज दुमका से रवाना होंगे श्रमिक
सीएम हेमंत सोरेन ने बताया कि भारत-चीन सीमा पर सड़क बनाने के लिए संताल परगना के श्रमिकों का पहला जत्था शनिवार को दुमका से विशेष ट्रेन से रवाना होगा। इस विशेष ट्रेन को रवाना करने के लिए वह खुद दुमका जायेंगे।
झारखंड को बाल श्रम से मुक्त करने का आह्वान
सीएम ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर झारखंड समेत पूरी दुनिया को बाल श्रम के अभिशाप से मुक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, समाज के लिए बाल श्रम एक कलंक है। बच्चों के जिज्ञासु मन में देश गढ़ने की अपार क्षमताएं और संभावनाएं हैं। उनके हंसते-खेलते बचपन को पेन-पेंसिल, फुटबॉल और हॉकी मिले, इसके लिए हमें मिल कर कार्य करना है। आइये, आज बाल श्रम निषेध दिवस पर इस प्रण को और सशक्त करें।