दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को कांवड़ यात्रा की अनुमति न दी जाए। याचिका में कहा गया है कि 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना के संक्रमण का ज्यादा खतरा हो सकता है।
वकील सुभाष विजयरन ने दायर करके कहा है कि इस साल 6 जुलाई से 19 जुलाई तक कांवड़ की यात्रा शुरू होने वाली है। कावड़ यात्रा में हजारों लोग उत्तराखंड के हरिद्वार, गोमुख और गंगोत्री तक की यात्रा पैदल ही करते हैं। कोरोना का संक्रमण 60 वर्ष से ऊपर के लोगों में होने की ज्यादा आशंका होती है। 60 वर्ष से ऊपर के लोगों की संख्या कुल आबादी का 10 फीसदी ही है लेकिन कोरोना से मरने वालों में 50 फ़ीसदी लोगों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर की है। ऐसे में 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना के संक्रमण की संभावना काफी ज्यादा है। यह यात्रा लोगों के लिए भी और ज्यादा खतरनाक है जिनको दूसरी गंभीर बीमारियां पहले से मौजूद हैं।
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के पिता 66 साल के हैं और काफी धूम्रपान करने की वजह से उनको सांस की बीमारियां हैं। वे भी कांवड़ की यात्रा पर जाना चाहते हैं। अपने पिता की बीमारी को देखने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है ताकि 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को कावड़ यात्रा पर जाने से रोका जाए, खासकर उनको जिनको दूसरी गंभीर बीमारियां हैं।
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