अजय शर्मा
रांची। झारखंड पुलिस अपने कारनामों के कारण चर्चा में रहती है। पुलिस पर आइपीएस अधिकारियों के कारण धब्बे लगते हैं। झारखंड में कुछ आइपीएस पूरे विभाग को बदनाम करने में जुटे हैं। कहीं कोयला तस्करी, कहीं रिवाल्वर प्लॉट तो कहीं निर्दोष को जेल भेजने का सिलसिला चल रहा है। पिछली सरकार में तो पुलिस जैसे हाइजैक हो गयी थी। हेमंत की पुलिस अब छवि सुधारने में जुटी है। सब कुछ पटरी में लाने में सीनियर आइपीएस अधिकारियों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बाहरी दबाव भी जबरदस्त है। झारखंड में कोयला तस्कर, जमीन माफिया, बालू माफिया और अपराधियों को वर्दी का वरदहस्त रहा है।
लातेहार में कोयला तस्करी की जांच में खुलेंगे कई राज
लातेहार में कोयला तस्करी की जांच में कई राज खुलेंगे। ऐसा नहीं है कि तस्करी में सिर्फ बालूमाथ का थानेदार शामिल है। करीब तीन साल से वहां तस्करी अधिकारियों के इशारे पर हो रही है। जब पुलिस मुख्यालय में इसकी शिकायत पहुंची तो एसडीपीओ रणविजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा की गयी है। आरोप है कि उनके रीडर ने तस्करों से आनलॉइन घूस ली। थाना प्रभारी को निलंबित करने की अनुशंसा डीआइजी से की गयी है। सच है कि इस मामले में आइपीएस अधिकारी भी शामिल हैं।
धनबाद में फर्जी केस का सिलसिला
धनबाद में गांजा प्लॉट करने के मामले की जांच चल रही है। इस बीच वहां पिछले दो वर्षों में 20 ऐसे मामले दर्ज कराये गये, जिसमें गलत तरीके से रिवाल्वर थमा कर लोगों को जेल भेज दिया गया। अब इस मामले की भी जांच हो सकती है। इसमें कम से कम दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। जो पहले भी इस तरह के फर्जी केस करने में शामिल रहे हैं।
एटीएस की छापामारी पर सवाल
रांची के सदर इलाके में एटीएस द्वारा की गयी छापामारी की कलई खुल गयी है। पूरा सच अधिकारियों के सामने आ चुका है। किस तरह से पुलिस के लोग ही दो लोगों को फंसाने के लिए कहानी रची जिसमें वे खुद फंस गये। अगर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा होता तो राकेश कुमार सिंह और आदिल अफरीदी सिमी के आतंकी बता दिये गये होते। हथियार प्लांट करवाने वाला दिलावर खान और करने वाला शब्बीर जेल में हैं। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। डीजीपी एमवी राव ने रांची के डीआइजी अखिलेश झा से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
गांजा प्लॉट मामले में सीआइडी दो को लेगी रिमांड पर
धनबाद के चर्चित गांजा प्लॉट कांड में गिरफ्तार किये गये दो लोग नीरज तिवारी और रवि ठाकुर को रिमांड पर लिया जायेगा। सीआइडी ने इस संबंध में एक आवेदन न्यायालय को दिया है। इस मामले में भी जांच के लपेटे में आइपीएस अधिकारी हैं।