रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव के लिए कल होने वाले मतदान और मतगणना की सारी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी है।
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव के लिए कल होने वाले मतदान और मतगणना की सारी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी है।
राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन पदाधिकारी सह विधानसभा के सचिव महेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को बताया कि दोनों सीटों के चुनाव के लिए कल शुक्रवार को सुबह नौ बजे से अपराह्न चार बजे तक मतदान होगा और इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि मतदान न्यायाधिकरण कक्ष, कमरा संख्या-42 और कोविड-19 के संदिग्ध मतदाताओं के लिए कमरा संख्या -39, पश्चिमी विंग में होगा। अपराह्न चार बजे मतदान समाप्त हो जाने के बाद संध्या पांच बजे से मतगणना शुरू होगी और भारत निर्वाचन आयोग से सहमति मिलने के बाद देर शाम चुनाव परिणाम घोषित कर दिये जाने की संभावना है।
इधर, रांची जिला प्रशासन की ओर से राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा परिसर के ईद-गिर्द निषेधाज्ञा लागू की गयी है। इस अवसर पर किसी भी प्रकार का जुलूस, रैली,प्रदर्शन घेराव पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी ।
इसे लेकर एसडीओ सदर लोकेश मिश्रा ने विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने को लेकर आदेश जारी कर दिया है। निषेधाज्ञा 19 जून को सुबह 7 बजे से मतदान और मतगणना कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समाप्ति के 2 घंटा बाद तक प्रभावी रहेगा।
राज्यसभा की एक सीट के लिए संख्या बल के आधार पर झामुमो प्रत्याशी शिबू सोरेन की जीत तो लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस और भाजपा के पास अपने दम पर जीतने के लिए पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं , लेकिन जिस तरीके से आजसू पार्टी जिनके दो विधायक हैं ने भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही है और दो निर्दलीय भाजपा के साथ है ऐसे में दीपक प्रकाश का जीतना भी लगभग तय है।
लेकिन झारखंड में राज्यसभा चुनाव में जोड़-तोड़ का पुराना इतिहास रहा है और इस बार भी वो कवायद तेज हो गई है। हाल के दिनों में विधानसभा के दलीय आकड़ों में भी बदलाव हुआ है। कांग्रेस के विधायक राजेंद्र सिंह का निधन हो गया है, जिसके कारण कांग्रेस के विधायकों की संख्या 16 से घटकर 15 हो गई है। इसके अलावा झारखंड विकास मोर्चा के दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की चुनाव से निर्दलीय घोषित होने के बाद भी कांग्रेस के साथ है ।
इस प्रकार कांग्रेस के लिए अच्छी खबर ये है कि अब 17 विधायकों का ठोस समर्थन उसे हासिल है। इसी खेमे में राजद का एक विधायक भी हैं । विधानसभा की इस समय सदस्य संख्या 80 है इसमें से एक मनोनीत सदस्य और उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं है। इस प्रकार कुल 79 विधायक ही राज्यसभा चुनाव में वोट कर सकेंगे। प्रथम वरीयता में 27 वोट मिलने वाला निर्वाचित हो जाएगा। राष्ट्रीय जनता दल के सत्यानंद भोक्ता, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कमलेश सिंह और भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह ने यूपीए प्रत्याशी को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
इस बीच आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश महतो ने साफ तौर पर भाजपा उम्मीदवार दीपक प्रकाश को समर्थन देने की घोषणा की है। जबकि निर्दलीय सरयू राय और अमित कुमार यादव ने भी भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने की बात कही है और इस से भाजपा उम्मीदवार की जीत का राह आसान लग रहा है।
वैसे राज्य के संसदीय कार्य मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार शहजादा अनवर के जीत के प्रति अस्वस्थ है लेकिन विधानसभा में विधायकों का आंकड़ा उनके पक्ष में नहीं दिखाई पड़ रहा है।