सुनील कुमार
लातेहार। बालूमाथ थाना के निवर्तमान प्रभारी राजेश मंडल द्वारा एक नाबालिग को दुष्कर्म के बाद केस नहीं करने का सुझाव देना महंगा पड़ा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल नाथ शाहदेव को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने ट्वीट कर दारोगा के इस सुझाव से आला अधिकारियों को अवगत कराते हुए अफसोस प्रकट किया था। शाहदेव के इस ट्वीट के बाद लातेहार के एसपी प्रशांत आनंद की पहल पर पुलिस हरकत में आयी और लातेहार महिला थाना कांड संख्या 07/2020 दर्ज की गयी। एक बार तो डर के मारे वह कुछ बताने को तैयार नहीं हुई, लेकिन जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी काउंसिलिंग की, तब वह बच्ची बयान देने को तैयार हुई और उसने अपने साथ घटी घटना को सच-सच बयां कर दिया। पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि बालूमाथ थाना क्षेत्र के होलंग मसियातु निवासी मो मुर्शीद ने उसके साथ वर्ष 2016 में पहली बार शारीरिक संबंध बनाया और उसके इस कृत्य को गांव के ही मो सलमान एवं मो जुल्फिकार ने पुन:सहयोग किया है।

पीड़िता के आवेदन पर भादवि की धारा 376, 354 ए ,4 /8 पोक्सो एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज कराया गया। मामले का सनसनीखेज खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने पीड़िता की धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराया। पीड़िता ने न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष मामले का खुलासा करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में मो मुर्शीद ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था और उसे हमेशा सार्वजनिक करने की धमकी देता था,उसके गलत कार्य में उसके दोस्त मो सलमान एवं जुल्फिकार ने सहयोग किया था और उसके साथ उन लोगों ने भी छेड़छाड़ की थी ।अदालत में बयान दर्ज होते ही मामला सुर्खियों में आ गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के इस ट्वीट की स्थलीय जांच की जा रही है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार जब वे इस मामले को लेकर बालूमाथ थाना गये तो उन्हें कई बार वापस लौटा दिया गया। गौरतलब है कि निवर्तमान थाना प्रभारी राजेश मंडल हमेशा चर्चा में रहे हैं। कोयला तस्करों को बढ़ावा देने के आरोप में उनके विरुद्ध पुलिस अधीक्षक प्रशांत आनंद ने कड़ी कार्रवाई भी की है, अब इस मामले में अदालत में बयान दर्ज होने के बाद उनके विरुद्ध एक और मामला जुड़ गया है।

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