देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर इतनी गंभीर नहीं होगी जितनी दूसरी लहर थी। आईसीएमआर के एपडोमिलॉजी यानि महामारी विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने बताया कि कोरोना के नए प्रकार डेल्टा प्लस के प्रभाव पर अध्ययन चल रहा है, लेकिन शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि यह तीसरी लहर इतनी तीव्र नहीं होगी जितनी दूसरी लहर थी।
डॉ. समीरन ने बताया कि तीसरी लहर के प्रभाव को, कोरोना से बचाव के उपायों को अपना कर व टीकाकरण को तेज करके कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश में दस राज्यों में डेल्ट प्लस के 49 मामले सामने आए हैं। इतने मामलों से अभी यह पता नहीं चला है कि तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है। अभी यह कहना कि गलत है कि तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है।