कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोलकाता पुलिस ने बुधवार को अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से पूछताछ की। हालांकि कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर मिथुन के थाने में जाकर नहीं, बल्कि वर्चुअली ही पूछताछ की गई। विवादित भाषण से संबंधित मामले में मिथुन के खिलाफ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने मानिकलता पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था। इसके बाद एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर मिथुन ने हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई थी। मिथुन का दावा था कि फिल्मों के ऐसे संवाद केवल हास्य- विनोद के लिए बोले गए थे और वह निर्दोष हैं तथा ऐसे किसी अपराध में शामिल नहीं हैं जिसके आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने मिथुन को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जांच अधिकारी के समक्ष पूछताछ में शामिल होने का पिछले हफ्ते निर्देश दिया था। अदालत ने साथ ही जांच अधिकारी को भी निर्देश दिया था कि वह मिथुन को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उपस्थित होने के लिए तर्कसंगत समय दें।
मिथुन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर भाषण में अपनी फिल्मों के चर्चित संवाद बोलकर चुनाव के बाद हुई हिंसा को भड़काया। मालूम हो कि भाजपा में शामिल होते ही मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए थे। चुनावी मंच से उन्होंने कहा था, मैं एक नंबर का कोबरा हूं.. डसूंगा तो तुम फोटो बन जाओगे” उन्होंने आगे कहा कि वो गरीबों की लड़ाई लड़ना चाहते हैं। कहा कि मैं राजनीति नहीं, मनुष्य नीति करता हूं।बता दें कि आज मिथुन चक्रवर्ती का जन्मदिन भी है।
भड़काऊ बयान देने पर हुई थी एफआईआर दर्ज
बतातें चलें कि विगत सात मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद मिथुन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी के खिलाफ एक के बाद एक बयान देकर राज्य की राजनीति गरमा दी थी। उनकी टिप्पणी पर तृणमूल ने थाने में भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवायी थी।