रांची। राज्य सरकार द्वारा सस्पेंड किये गये एडीजीपी अनुराग गुप्ता को झारखंड हाइकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ पीसी एक्ट जोड़े जाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं उनके खिलाफ किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई पर 11 अगस्त तक के लिए रोक लगा दी है। अनुराग गुप्ता की याचिका पर झारखंड हाइकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हुई। अदालत ने राज्यसभा चुनाव में अनुराग गुप्ता के खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है और राज्य सरकार को काउंटर एफिडेविट दायर करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता अनुराग गुप्ता के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि इलेक्शन कमीशन के निर्देश के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। प्राथमिकी का आधार एक सीडी थी। उस सीडी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी एफएसएल रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक सीडी के साथ छेड़छाड़ की गयी है। केस के आइओ ने कई बार ओरिजिनल डिवाइस मांगे थे, जिसे बहुत बाद में दिया गया। उसे आइओ ने फिर एफएसएल के लिए भेजा है। इसी दौरान पीसी एक्ट की धाराएं जोड़ने के लिए आवेदन दे दिया गया है।