आजाद सिपाही संवाददाता
रामेश्वर उरांव भी दिल्ली में जमे हुए हैं
झारखंड के CM हेमंत सोरेन के अचानक दिल्ली दौरे से झारखंड में सियासी उबाल आ गया है। इस बात की तर्चा तेज है कि दिल्ली में राज्य के 12वें मंत्री पद और निगम बोर्ड के गठन पर खिचड़ी पक रही है। 12वें मंत्री पद पर एक तरफ जहां कांग्रेस अपना दावा ठोक रही है तो JMM का भी दो टूक जवाब है कि 12वां मंत्री तो उन्हीं का होगा।
इस बीच सत्ताधारी पार्टियों के संघर्ष के बीच BJP से गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे के बयान ने एक नया कोण दिया है। निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि CM हेमंत सोरेने जी कांग्रेस से परेशान, दिल्ली दर्शन उका नए पार्टनर के साथ सरकार बनाने का जुगाड़ तो नहीं
आज PM से हो सकती है CM की मुलाकात
CM हेमंत सोरेन पिछले दो दिनों से दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान वे कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से मिल रहे हैं। इस बीच चर्चा ये भी है कि गुरुवार को वे PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। वे PM से मिलकर राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग कर सकते हैं।
रामेश्वर उरांव भी दिल्ली में कर रहे हैं बैठकें
हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव भी पिछले दो दिनों से दिल्ली दरबार में अलग-अलग नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। उनकी इस बैठकों को कांग्रेस में भी सांगठनिक बदलाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। रामेश्वर उरांव राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर संगठन पर चर्चा की जाने की बातें सामने आ रही है।
4 विधायक पर एक मंत्री बनाने का तय हुआ था फॉर्मूला
JMM के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या के दावे के बाद राज्य में कांग्रेस, झामुमो और राजद की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले सूत्रों का कहना है कि पहले ही तय हो गया था कि चार विधायकों पर एक मंत्री बनेगा। इस फार्मूले के तहत 16 विधायकों वाली कांग्रेस को चार और झामुमो को सात मंत्री पद मिलने थे, क्योंकि उसके 30 विधायक हैं। अब कांग्रेस में प्रदीप और बंधु तिर्की के अाने से उसकी संख्या 18 हो गई है। लेकिन झामुमो इस तर्क को नहीं मान रहा, क्योंकि उसके विधायकों की संख्या भी 28 से दो अधिक 30 है।