- अग्निपथ योजना: युवाओं के लिए खोले जा रहे रास्ते
- उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्य पहले ही आ चुके हैं आगे
- देश के विभिन्न राज्यों में ‘अग्निपथ’ को लेकर विरोध जारी
- आगजनी और तोड़फोड़ जारी, ट्रेन सेवा बाधित
- बिहार में 20 जून तक सुबह 6 से रात 8 बजे तक चलेंगी ट्रेन
आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली/रांची। देश के अलग-अलग राज्यों में अग्निपथ के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन तेज हो गये हैं। इस बीच रक्षा मंत्रालय ने भी अग्निवीरों को अपने मंत्रालय में होने वाली भर्तियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। रक्षा मंत्रालय के इंडियन कोस्ट गार्ड और डिफेंस सिविलियन पोस्ट के साथ डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग की 16 कंपनियों में भी नियुक्तियों में आरक्षण मिलेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और असम राइफल्स में भर्ती के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। इन्हें आयु सीमा में भी 3 से 5 साल की राहत देने का ऐलान किया गया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह कोटा पूर्व सैनिकों को मिलने वाले कोटे से अलग होगा। इसके अलावा खेल, हाउसिंग और पेट्रोलियम मंत्रालय में भी आरक्षण का रास्ता तालाशा जा रहा है। उधर, उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्य अपने यहां पहले ही अग्निवीरों के लिए आरक्षण का ऐलान कर चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा, मैं युवाओं से अपील करता हूं कि हिंसा सही तरीका नहीं है। सरकार आपकी चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है। युवा मामले और खेल मंत्रालय भी 4 साल की सेवा के बाद उनके लिए कुछ करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के लिए खेल मंत्रालय भी सही मौके देगा। जो लोग फिजिकल एजुकेशन टीचर बनना चाहेंगे उनके लिए सरकार क्रैश कोर्स और ट्रेनिंग मुहैया कराएगी। अनुराग ठाकुर के मुताबिक विभिन्न राज्यों में फिलहाल 15 लाख फिजिकल एजुकेशन टीचर्स के पद खाली पड़े हैं। वहीं नागर विमानन मंत्रालय ने चार साल की नौकरी पूरी कर चुके अग्निवीरों के लिए खास ऐलान किया है। इन्हें एयर ट्रैफिक सर्विसेज और एयरक्राफ्ट टेक्नीशियन सर्विसेज में मौका दिया जायेगा। साथ ही एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग से जुड़ी जिम्मेदारी भी यह संभाल सकेंगे। इसके अलावा नागर विमानन में कई अन्य जिम्मेदारियां दी जायेंगी।
‘अग्निपथ’ को लेकर देशभर में विरोध जारी
‘अग्निपथ योजना’ को लेकर देशभर में विरोध जारी है। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत की राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। विरोध का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने ट्रोनों को निशाना बनाया। सड़क जाम किया। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन हुआ। सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने शनिवार को 369 ट्रेनें रद्द कर दीं। उत्तर प्रदेश के सिकरारा और बदलापुर क्षेत्र में एक-एक बस में आग लगायी गयी। वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर उपद्रवियों ने 10 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की है। बिहार में प्रदर्शन का शनिवार को चौथा दिन था। पटना के मसौढ़ी में तारगेना स्टेशन के पास पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। प्रदर्शनकारी स्टेशन में तोड़फोड़ की। पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया है। काबू पाने के लिए पुलिस ने कई राउंड फायर किया है। बिहार के 15 जिलों में प्रदर्शन किया गया। यहां के 15 जिलों में 19 जून तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है। राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, अजमेर अलवर सहित आठ जिलों में उग्र प्रदशर््न किया गया। पंजाब के लुधियानी समेत कुछ हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ किया। इस बीच हिंसा की एसआटी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गयी है। कांग्रेस ने 19 जून को देश भर में प्रदर्शन का ऐलान किया है।
2 दिन में 12 ट्रेनें जलाई गईं
रेलवे की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बुधवार को विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 12 ट्रेनों में आग लगा दी गयी है। इस दौरान 300 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। 214 ट्रेन कैंसिल कर दी गयी हैं। 11 को डायवर्ट किया गया और 90 अपने पड़ाव तक नहीं पहुंच पायीं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की है।
देश की संपत्ति को जलाने वाले देश भक्त नहीं हो सकते
‘आजाद सिपाही’ सभी युवाओं से अपील करता है कि ‘अग्निपथ योजना’ को ठीक से समझें। योजना में कोई खामी है तो सरकार के साथ संवाद करें। किसी के बहकावे में नहीं आयें। यह योजना देश के युवाओं के लिए एक अवसर है। इस अवसर को पहचानें। इसके फायदे को आकें। चार साल सेना में सेवा के बाद कई रास्ते खोलने का प्रयास जारी है। इसे समझें। उग्र प्रदर्शन समस्या का हल कतई नहीं हो सकता है। देश हमारा है। यहां की संपत्ति हमारी है। देश की संपत्ति को जलाने वाले कम से कम देश भक्त तो नहीं हो सकते हैं। सेना में जाने की इच्छा रखने का मतलब है देश की सेवा। ऐसे जाबांजों को देश भक्त का तगमा खुद ब खुद मिल जाता है। इसलिए ‘देशभक्त’ शांति रास्ता अपनायें।