पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार दोपहर संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में संभावित बाढ़-सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति सहित कुल 10 एजेंडों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट की बैठक में कृषि, सामान्य प्रशासन, पथ निर्माण, भू एवं राजस्व समेत कई अन्य विभागों के एजेंडों पर मोहर लगी है।
कैबिनेट सचिव एस सिद्धार्थ ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ और सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए कुल 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। पटना हाई कोर्ट में स्टाफ कार चालक के 27, जमादार के 77, स्टेनोग्राफर एक पद का सृजन किया गया है। इसके अलावा हाई कोर्ट की स्थापना में अनुवादक संवर्ग में संयुक्त निबंधक के एक पद और उप निबंधक के एक पद के सृजन की भी कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है।
सिद्धार्थ ने बताया कि हाई कोर्ट की स्थापना में जमादार के वर्तमान 77 पदों को वेतन स्तर दो में उत्क्रमित करने की स्वीकृति मिली है। साथ ही बिहार विधान सभा के अष्टम-सत्र तथा बिहार विधान परिषद के 203वें सत्र (बजट सत्र) के सत्रावसान संलेख पर स्वीकृति दी गई है। बिहार पुलिस के अन्तर्गत गठित स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (सैप) में बहाल किए गए भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिकों के कार्यरत कुल बल 3,566 की अनुबंध अवधि वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा ऑडिट ऑफिस में 06 पदों का सृजन करने की स्वीकृति दी गई है। इसमें बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा का संयुक्त निदेशक (वेतन स्तर-13) के दो पद एवं उप निदेशक (वेतन स्तर-12 ) के चार पदों यानी कुल 06 पदों की स्वीकृति दी गई है। खरीफ फसल करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। अनियमित मानसून, बाढ़ और सूखे जैसी स्थिति में आकस्मिक फसल योजना के अंतर्गत बीज वितरण के लिए 50 करोड़ की राशि को मंजूरी मिल गई है। बिहार राज्य में कास्ट आधारित उद्योगों की संख्या का पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृति मिली है।
राज्य में कार्यरत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के पूंजीकरण के लिए वर्ष 2022- 23 के बकाए राशि 84.87 करोड़ रुपये का बिहार आकस्मिकता निधि से अग्रिम स्वरूप उप बंद किए जाने एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 की प्रथम तिमाही में एकमुश्त भुगतान की स्वीकृति मिली है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले की कैबिनेट बैठक में 24 एजेंडे पर मुहर लगी थी। शराबबंदी कानून में एक बार फिर से संशोधन पर फैसला किया गया था। इसके साथ एएनएम की बहाली परीक्षा के माध्यम से करने का बड़ा फैसला भी लिया गया था और मद्य निषेध के साथ कारा विभाग में 1400 से अधिक पदों पर बहाली करने का बड़ा फैसला लिया गया था।